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बिहार ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवा में हासिल किया पहला स्थान, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के स्कैन एंड रजिस्टर में देशभर में अव्वल

 

अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार कम करने और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की दिशा में बिहार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्कैन एंड रजिस्टर पहल में बिहार देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिशों को नई पहचान मिली है।

राज्य स्वास्थ्य समिति की 21 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, स्कैन एंड रजिस्टर के क्षेत्र में बिहार ने देश के अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पतालों में मरीजों के पंजीकरण को अधिक सुविधाजनक बनाना और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।

क्या है स्कैन एंड रजिस्टर सुविधा?

स्कैन एंड रजिस्टर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू की गई डिजिटल सुविधा है। इसके जरिए मरीज अस्पताल में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इससे पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने और अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगने वाली कतार कम करने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था से मरीजों को बार-बार अपनी बुनियादी जानकारी भरने की जरूरत भी कम हो सकती है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में सहायता मिलती है। इससे अस्पतालों में मरीजों के प्रबंधन और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को व्यवस्थित रखने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का प्रमुख उद्देश्य देश में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके तहत मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने और तकनीक के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जाता है।

डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत मरीजों की स्वास्थ्य पहचान और रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की दिशा में भी काम किया जाता है। इससे भविष्य में इलाज के दौरान संबंधित स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मरीजों की निजी स्वास्थ्य जानकारी की सुरक्षा और उसकी उचित अनुमति के साथ इस्तेमाल को सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

मरीजों को मिल सकती है राहत

अस्पतालों में पंजीकरण के दौरान लगने वाली लंबी कतारें मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं। खासकर सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने के कारण पंजीकरण प्रक्रिया में समय लग सकता है। ऐसे में स्कैन एंड रजिस्टर जैसी डिजिटल सुविधाएं इस परेशानी को कम करने में मददगार हो सकती हैं।

बिहार का इस पहल में देशभर में पहला स्थान हासिल करना राज्य की डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अस्पतालों में तकनीक आधारित सुविधाओं को बढ़ावा देने के प्रयासों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

हालांकि, डिजिटल पंजीकरण की सफलता का वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि अस्पतालों में यह सुविधा कितनी व्यापक रूप से उपलब्ध है और मरीज इसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। आने वाले समय में इस व्यवस्था के विस्तार से बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।