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बिहार में अगस्त में टूटा 21 साल का बारिश का रिकॉर्ड, सामान्य से 33 प्रतिशत कम हुई वर्षा

 

बिहार में इस साल मानसून का असर कमजोर रहा है। अगस्त महीने में राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में बिहार में केवल 152 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से करीब 33 प्रतिशत कम है। इतनी कम बारिश ने पिछले 21 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगस्त का महीना मानसून के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान खरीफ फसलों के लिए अच्छी बारिश की उम्मीद रहती है। लेकिन इस बार मानसून की कमजोर सक्रियता के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी रही।

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। धान सहित अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत भी बढ़ रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त में बारिश की कमी के पीछे कई मौसमी कारण रहे। बंगाल की खाड़ी में अपेक्षित संख्या में मजबूत सिस्टम नहीं बनने और मानसूनी ट्रफ के कमजोर रहने से बिहार में पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी।

हालांकि, कुछ जिलों में स्थानीय स्तर पर अच्छी बारिश भी दर्ज की गई, लेकिन राज्य के औसत आंकड़े में इसका ज्यादा असर नहीं दिखा। कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, लेकिन लंबे समय तक चलने वाली बारिश नहीं होने के कारण जलस्तर और खेती पर प्रभाव पड़ा है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की स्थिति पर अभी भी नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में अगर अच्छी बारिश होती है तो फसलों को कुछ राहत मिल सकती है। वहीं, किसानों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार खेती से जुड़े फैसले लेने की सलाह दी गई है।

गौरतलब है कि बिहार में मानसून खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। राज्य के बड़ी संख्या में किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगस्त महीने में 21 साल बाद इतनी कम बारिश दर्ज होना कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।