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बिहार मद्य निषेध विभाग में 78 अवर निरीक्षक पदों पर भर्ती शुरू, 27 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन

 

बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) के कुल 78 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। आयोग के अनुसार, मंगलवार से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी निर्धारित की गई है।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत वे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता 1 अगस्त 2025 तक पूरी होनी चाहिए। यानी जिन उम्मीदवारों का परिणाम 1 अगस्त 2025 तक आ जाएगा, वे भी इस भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे।

बीपीएसएससी की इस भर्ती को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मद्य निषेध विभाग में अवर निरीक्षक की भूमिका कानून-व्यवस्था और शराबबंदी कानून को लागू कराने में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन शामिल होने की संभावना है। विस्तृत विज्ञापन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया गया है।

इस बीच, राज्य सरकार से जुड़ी एक और अहम सूचना सामने आई है। गुड़ उत्पादन इकाइयों के लिए दिए जाने वाले अनुदान आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी तय की गई है। संबंधित विभाग ने इच्छुक उद्यमियों और किसानों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक गुड़ उद्योग को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

वहीं, शिक्षा जगत से जुड़ी खबर की बात करें तो जेईई-मेन जनवरी सत्र को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, जनवरी सत्र की परीक्षा में अब तक करीब 7.70 लाख परीक्षार्थी शामिल हो चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्रों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और उत्साह बना हुआ है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जेईई-मेन में बढ़ती भागीदारी से साफ है कि छात्र तकनीकी शिक्षा को लेकर गंभीर हैं। वहीं, सरकारी भर्तियों और अनुदान योजनाओं की घोषणाएं युवाओं और किसानों दोनों के लिए राहत लेकर आई हैं।

राज्य में एक ओर जहां मद्य निषेध विभाग की भर्ती युवाओं को रोजगार का अवसर दे रही है, वहीं दूसरी ओर गुड़ उत्पादन जैसी योजनाएं स्थानीय उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।

कुल मिलाकर, बिहार में इन घोषणाओं से नौकरी, शिक्षा और ग्रामीण विकास—तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है। अब अभ्यर्थियों और लाभार्थियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित तिथियों का ध्यान रखते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि किसी भी अवसर से वंचित न रह जाएं।