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Bihar News: बेटी के जन्मदिन पर मुखिया ने दान कर दी 18 कट्ठा जमीन, जानिए दानवीर राकेश सिंह की संपत्ति कितनी है

 

बिहार के भोजपुर जिले की सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह इन दिनों अपनी अनोखी पहल को लेकर चर्चा में हैं। जहां आज के समय में जमीन को सबसे कीमती संपत्ति माना जाता है और छोटे-छोटे जमीन विवादों में भी झगड़े तक की नौबत आ जाती है, वहीं राकेश सिंह ने अपनी पांच साल की बेटी के जन्मदिन पर बड़ा फैसला लेते हुए 18 कट्ठा निजी जमीन महादलित और गरीब परिवारों को दान करने का ऐलान किया है।

उनकी इस पहल की खबर सामने आने के बाद लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी मुखिया राकेश सिंह की दान की पहल चर्चा का विषय बनी हुई है।

गरीब परिवारों को मिलेगी जमीन

जानकारी के अनुसार, राकेश सिंह ने अपनी निजी जमीन का एक बड़ा हिस्सा गरीब और महादलित परिवारों के लिए देने का निर्णय लिया है। उनका उद्देश्य ऐसे परिवारों की मदद करना है, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है।

उन्होंने यह कदम अपनी बेटी के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए उठाया। राकेश सिंह का कहना है कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और जरूरतमंद परिवारों को जमीन उपलब्ध कराना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

जमीन विवादों के दौर में अनोखी पहल

बिहार समेत देश के कई हिस्सों में जमीन विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं। कई बार मामूली जमीन के झगड़े गंभीर अपराधों में बदल जाते हैं। ऐसे समय में 18 कट्ठा जमीन दान करने का फैसला लोगों के बीच चर्चा का कारण बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन जैसी मूल्यवान संपत्ति को जरूरतमंदों के लिए छोड़ना एक बड़ी सोच को दर्शाता है।

लोगों में बढ़ी दानवीर मुखिया की चर्चा

राकेश सिंह की इस पहल के बाद उन्हें लोग ‘दानवीर मुखिया’ के नाम से भी संबोधित कर रहे हैं। पंचायत क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के लिए जो कदम उठाया है, वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

उनकी पहल की चर्चा सिर्फ भोजपुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए यह खबर दूसरे इलाकों तक भी पहुंच रही है।

कितनी है मुखिया राकेश सिंह की संपत्ति?

चुनावी हलफनामे में उम्मीदवारों को अपनी संपत्ति, आय और अन्य जानकारियों का विवरण देना होता है। राकेश सिंह की संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी इसी रिकॉर्ड के आधार पर सामने आती है।

हलफनामे में दर्ज जानकारी के अनुसार, उनकी संपत्ति में जमीन, अन्य अचल संपत्तियां और चल संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि, संपत्ति का मूल्य समय के साथ बदल सकता है और जमीन की कीमतों में स्थानीय बाजार के अनुसार अंतर हो सकता है।

संपत्ति से ज्यादा चर्चा में आया फैसला

राकेश सिंह की संपत्ति से ज्यादा इस समय उनकी सोच और सामाजिक पहल की चर्चा हो रही है। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि निजी संपत्ति का इस्तेमाल समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी किया जा सकता है।

उनके इस फैसले ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि समाज में संपन्न लोगों को जरूरतमंदों के लिए किस तरह योगदान देना चाहिए।

फिलहाल भोजपुर के सरथुआ पंचायत के मुखिया राकेश सिंह अपनी जमीन दान करने की पहल को लेकर सुर्खियों में हैं और उनकी इस पहल को लोग सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।