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बिहार MLC चुनाव: वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट मतदाताओं का आरोप, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने EC से की शिकायत

 

बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इसी बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया है। पार्टी शुक्रवार को निर्वाचन आयोग (EC) पहुंची और एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम शामिल होने की शिकायत दर्ज कराई।

जन सुराज पार्टी ने आयोग से मांग की है कि मतदाता सूची की गहन जांच कराई जाए और डुप्लीकेट नामों को हटाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही पार्टी ने वोटर लिस्ट तैयार करने की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग रखी है।

वोटर लिस्ट की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

जन सुराज का आरोप है कि एमएलसी चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में कई जगह एक ही व्यक्ति के नाम दोहराए गए हैं। पार्टी ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है।

पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग के सामने अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि सूची तैयार करने की प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतों की गुंजाइश कम हो सके।

चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग

जन सुराज पार्टी ने आयोग से सिर्फ डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच की मांग नहीं की, बल्कि वोटर लिस्ट बनाने की पूरी प्रक्रिया को बदलने का आग्रह भी किया है।

पार्टी का कहना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर सत्यापन व्यवस्था के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सकता है। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत नामों को शामिल होने से रोका जा सकेगा।

बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

बिहार एमएलसी चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। जहां प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं जन सुराज भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

वोटर लिस्ट का मुद्दा सामने आने के बाद चुनावी माहौल और गरमा गया है। अब नजर निर्वाचन आयोग की कार्रवाई और जवाब पर है।

आयोग की जांच के बाद साफ होगी स्थिति

फिलहाल निर्वाचन आयोग की ओर से इस शिकायत पर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। आयोग शिकायत की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगा।

यदि मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो नियमों के अनुसार उसमें सुधार किया जा सकता है। वहीं, शिकायत की पुष्टि नहीं होने पर चुनाव प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।