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बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव, RJD ने 6 उम्मीदवार उतारे; 2 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ीं

 

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD ने इन आठ सीटों में से छह पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। वहीं, दो सीटें महागठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के लिए छोड़ने का फैसला किया गया है। सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले के बाद बिहार की सियासत में महागठबंधन की चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

RJD के इस फैसले से साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी चुनावी मैदान में अपने हिस्से की अधिकतर सीटों पर सीधे मुकाबले की तैयारी कर रही है। छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने के साथ ही पार्टी ने अपने प्रत्याशियों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। वहीं, दो सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़कर आरजेडी ने गठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल को भी बनाए रखने की कोशिश की है।

बिहार विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाला चुनाव महागठबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में पहले से ही राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला तेज है और परिषद चुनाव के जरिए सभी दल अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन से लेकर सीटों के बंटवारे तक हर कदम पर राजनीतिक नजर बनी हुई है।

आरजेडी के छह सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने के बाद अब सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। पार्टी ने दो सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ी हैं, लेकिन इन सीटों पर कौन सा दल उम्मीदवार उतारेगा और किन नामों पर सहमति बनेगी, यह आगे की राजनीतिक बातचीत के बाद स्पष्ट होगा। महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर आपसी तालमेल चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहेगा।

राजनीतिक जानकारों की नजर इस बात पर भी होगी कि विपक्षी गठबंधन इन चुनावों में किस तरह संयुक्त रणनीति बनाता है। विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय समीकरण काफी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में RJD द्वारा छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के बाद चुनावी गणित पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।

महागठबंधन के सहयोगी दलों के लिए दो सीटें छोड़े जाने को गठबंधन की एकजुटता के लिहाज से भी देखा जा रहा है। हालांकि, इन सीटों पर अंतिम रूप से किन दलों को मौका मिलता है, यह आने वाले दिनों में तय होगा। इसके बाद गठबंधन के चुनावी समीकरण की तस्वीर और साफ हो जाएगी।

फिलहाल आरजेडी ने अपने छह उम्मीदवारों के जरिए चुनावी तैयारी का पहला बड़ा कदम उठा दिया है। अब सहयोगी दलों के साथ तालमेल और बाकी दो सीटों पर उम्मीदवारों के नाम को लेकर होने वाली घोषणा का इंतजार है। आठ सीटों वाले इस चुनाव में महागठबंधन किस रणनीति के साथ मैदान में उतरता है और विपक्ष के सामने किस तरह की चुनौती पेश करता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।