बिहार विधान परिषद चुनाव: तेजस्वी यादव की RJD ने 6 MLC प्रत्याशियों का किया ऐलान, पटना से संजीव सिंह और दिलीप कुमार को टिकट
बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शुक्रवार को अपने 6 एमएलसी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी। पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है।
राजद की ओर से जारी सूची में पटना से पूर्व विधायक संजीव सिंह और दिलीप कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, दरभंगा सीट से अनिल झा को टिकट दिया गया है। इसके अलावा कोसी और तिरहुत क्षेत्र की सीटों पर भी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।
पटना से दो उम्मीदवारों पर लगाया दांव
राजद ने पटना क्षेत्र में दो उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी ने पूर्व विधायक संजीव सिंह और दिलीप कुमार को चुनावी मैदान में उतारकर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
राजद की रणनीति एमएलसी चुनाव में अपने संगठन और स्थानीय नेताओं के समर्थन के जरिए बेहतर प्रदर्शन करने की है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही अब चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
दरभंगा से अनिल झा को मौका
दरभंगा सीट के लिए राजद ने अनिल झा के नाम पर भरोसा जताया है। मिथिलांचल क्षेत्र में पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन कर रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि सभी उम्मीदवारों को संगठन और कार्यकर्ताओं का पूरा समर्थन मिलेगा।
कोसी और तिरहुत सीटों पर भी उम्मीदवार तय
राजद ने कोसी और तिरहुत क्षेत्र की सीटों के लिए भी प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी चुनाव को लेकर क्षेत्रवार रणनीति तैयार कर रही है और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
विधान परिषद चुनाव में स्थानीय प्रतिनिधियों की भूमिका अहम होती है, इसलिए राजद ने उम्मीदवार चयन में क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
NDA को चुनौती देने की तैयारी
बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। राजद इस चुनाव के जरिए संगठनात्मक ताकत दिखाने और अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश में है।
वहीं, दूसरी ओर सत्तारूढ़ गठबंधन भी अपने उम्मीदवारों के जरिए मुकाबले की तैयारी कर रहा है। अब प्रत्याशियों के ऐलान के बाद बिहार की सियासत में चुनावी सरगर्मी और बढ़ने वाली है।