तेजस्वी यादव का तेज हमला: कहा– बिहार आज भी सबसे गरीब, 21 साल में निवेश और विकास दोनों फेल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए की 21 साल पुरानी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि 21 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे गरीब राज्य है, निवेश और विकास दोनों ही क्षेत्रों में पूरी तरह विफल रहा है, और अधिकांश सामाजिक‑आर्थिक संकेतक नकारात्मक बने हुए हैं। यह बयान उन्होंने फरवरी 2026 के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 21 साल तक एनडीए को मौका देने के बावजूद बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी तथा अफसरशाही लगातार बढ़ी है और राज्य विकास की दौड़ में पिछड़ता गया है। उनके अनुसार बिहार आज भी देश के पिछड़े राज्यों में शामिल है, जिसका सीधा कारण सरकार की “अयोग्यता और खराब प्रशासन” है।
‘सब कुछ चौपट’– निवेश और विकास पर कड़ा आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि निवेश के मामले में बिहार पूरी तरह असफल रहा है, और उद्योग एवं निजी क्षेत्र का पूंजी शासन के दृष्टिकोण के कारण राज्य में दाखिल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “योजनाओं का घोटाला, निर्णयों में देरी और नीति‑निर्माण की कमी के कारण कई बड़े निवेश प्रोजेक्ट कहीं और चले गए। बिहार में विकास तो दूर, रोज़गार के अवसर भी पैदा नहीं हो रहे।”
उनका यह भी आरोप था कि सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है जब सवाल उठता है कि 21 सालों में क्यों न तो कानून‑व्यवस्था सुधार हुआ और न ही आम जनता के जीवन स्तर में कोई स्पष्ट सुधार दिखाई दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि हर दिन बिहार में हत्या, वारदातें और सामाजिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, और सरकार सिर्फ पुरानी बातें दोहराती है।
सरकार की जवाबदेही और ‘खाली खजाना’ का आरोप
तेजस्वी यादव ने विधानसभा सदन में भी कहा कि जब उनसे विकास सम्बन्धी प्रश्न पूछा जाता है, तो सरकार के पास कोई उत्तर नहीं होता और भ्रष्टाचार ने सरकारी खजाने को इतना खोखा कर दिया है कि भविष्य में कर्मचारियों की वेतन देने की स्थिति भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट सरकार ने राज्य का संसाधन खत्म कर दिया है, जिससे बिहार लंबे समय तक आर्थिक उबर नहीं पाएगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगामी संघर्ष
तेजस्वी के आरोप ऐसे समय पर आए हैं जब बिहार की सियासत में विकास, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों पर राजनीतिक लड़ाई तेज है। विपक्षी दल लगातार यह तर्क दे रहे हैं कि राज्य में पर्याप्त नौकरियों और सामाजिक सुरक्षा न होने के कारण युवा पलायन कर रहे हैं। तेजस्वी यादव ने भी केंद्र और राज्य की सरकारों पर आरोप लगाया कि वे लाभार्थियों के हितों और गरीबों के सवालों पर गंभीर नहीं हैं।
इस आलोचना पर एनडीए समर्थकों और सरकार के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि 21 साल में बिहार ने कई सामाजिक और अवसंरचनात्मक सुधार देखे हैं और जनता ने विधानसभा चुनावों में फिर से उसे समर्थन दिया है, जो सरकार की विश्वसनीयता को दर्शाता है।