×

बिहार बाढ़: 13 जिलों में 27 लाख लोग प्रभावित, राहत शिविरों में सुविधाओं की कमी

 

बिहार में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के 13 जिलों में करीब 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों के लिए शिविर लगाने और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कई इलाकों में जमीनी हालात इससे अलग नजर आ रहे हैं।

राहत शिविरों में लोगों को दो वक्त का खाना तो मिल रहा है, लेकिन कई जरूरी सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड, चेंजिंग रूम और मवेशियों के चारे को लेकर सामने आ रही है।

राहत शिविरों में भोजन तो मिला, लेकिन जरूरी सामान का संकट

बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनाए गए राहत शिविरों में लोगों को दाल, चावल और सब्जी उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि केवल भोजन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है।

छोटे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था नहीं होने से परिवार परेशान हैं। वहीं, महिलाओं को स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जरूरतों से जुड़ी चीजों के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी

बाढ़ के दौरान घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे परिवारों में महिलाओं और बच्चों की समस्याएं बढ़ गई हैं। महिलाओं ने चेंजिंग रूम और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं की कमी की शिकायत की है।

वहीं, बच्चों के लिए दूध और पोषण संबंधी चीजों की उपलब्धता नहीं होने से अभिभावक चिंतित हैं।

मवेशियों के चारे का भी संकट

बिहार के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन पर निर्भर हैं। बाढ़ के कारण खेत और चारा स्थल पानी में डूब गए हैं, जिससे मवेशियों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है।

कई प्रभावित परिवारों का कहना है कि इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था जरूरी है।

कागजों तक सीमित रह गईं कुछ राहत रसोइयां

बाढ़ प्रभावित कई जिलों में राहत रसोई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ जगहों पर राहत रसोई सिर्फ कागजों में चल रही हैं, जबकि मौके पर लोगों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से लगातार राहत कार्य जारी होने का दावा किया जा रहा है।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती

बिहार में बाढ़ प्रभावितों की संख्या लगातार बढ़ने के बीच सरकार के सामने राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाओं और आवश्यक सेवाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, बाढ़ पीड़ितों की मांग है कि राहत व्यवस्था में भोजन के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए।