बिहार के बाढ़ पीड़ितों को 12 अक्टूबर को मिलेंगे 7-7 हजार रुपये, सीएम सम्राट चौधरी ने की अहम बैठक
बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में 12 अक्टूबर को 7-7 हजार रुपये की राहत राशि भेजेगी। बाढ़ की स्थिति और इससे हुए नुकसान की समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में प्रभावित इलाकों की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद
सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में राहत राशि भेजी जाएगी। प्रत्येक पात्र परिवार के खाते में 7 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे बाढ़ के कारण प्रभावित हुए लोगों को तत्काल आर्थिक मदद मिल सकेगी और वे जरूरी घरेलू सामान तथा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
राहत राशि सीधे खाते में भेजे जाने से लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। प्रशासन की ओर से पात्र लाभार्थियों की जानकारी के आधार पर राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ की मौजूदा स्थिति और इससे हुए नुकसान को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली गई। साथ ही प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता जल्द से जल्द पहुंचाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की निगरानी करने और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
12 अक्टूबर को खातों में आएगी राशि
सरकार के फैसले के मुताबिक बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में 12 अक्टूबर को 7-7 हजार रुपये की राहत राशि भेजी जाएगी। ऐसे में प्रभावित परिवारों की नजर अब राहत राशि के भुगतान पर है। सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है।
बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को पटरी पर लाने की चुनौती भी सरकार के सामने है। आने वाले दिनों में नुकसान के आकलन और राहत कार्यों के आधार पर प्रभावित लोगों के लिए अन्य जरूरी कदम भी उठाए जा सकते हैं।