बिहार में सीएम रेस तेज़: अमित शाह के ‘बड़ा आदमी’ वादे से बढ़ी राजनीतिक गर्माहट
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद से मुख्यमंत्री पद की संभावित रेस एक बार फिर से सियासी चर्चाओं में है। इस बीच राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी रैलियों में जिन नेताओं को ‘‘बड़ा आदमी’’ बनाने का वादा किया था, उनके नाम अब मुख्यमंत्री पद की संभावित रेस में शामिल किए जा रहे हैं। यह बात राज्य में नई राजनीतिक स्थिति और नेतृत्व विकल्पों को लेकर चर्चाओं को और तेज़ कर रही है।
अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान अलग‑अलग मौकों पर तीन प्रमुख भाजपा नेताओं को ‘‘बड़ा आदमी’’ बनाने का वादा किया था। इनमें सबसे पहले नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का आता है, जिन्होंने सत्ता गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी अमित शाह ने ‘‘बड़ा आदमी’’ बनने का भरोसा दिलाया था। वहीं भाजपा के युवा नेता सुनील कुमार पिंटू को भी शाह ने इसी सूची में शामिल किया था, जहां उन्होंने जनता से प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने का आह्वान किया था।
विश्लेषकों के अनुसार, इन वादों को अब मुख्यमंत्री पद की सम्भावित रेस से जोड़कर देखा जा रहा है, विशेष रूप से तब जब नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक भूमिका को राज्यसभा में स्थानांतरित कर सकते हैं, जिससे मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे की आवश्यकता पैदा हो सकती है। राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक भाजपा को एनडीए के भीतर यह अवसर मिला है कि वह अपने प्रमुख नेताओं को आगे बढ़ाकर नेतृत्व तय कर सके।
राजनीतिक जानकार बताते हैं कि अमित शाह के ‘‘बड़ा आदमी’’ वाले बयान का उद्देश्य भाजपा के भीतर राजनीतिक कद बढ़ाना और नेताओं को आगे लाना रहा, जो बिहार की राजनीति में भाजपा की पकड़ को और मजबूत कर सकता है। इन नेताओं ने 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए अच्छी प्रदर्शन भी दिखाया है, जिसके चलते उनकी साख बढ़ी है और उन्हें नेतृत्व की दौड़ में प्रमुख माना जा रहा है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम मुख्यमंत्री नाम कौन बनेगा, क्योंकि यह निर्णय राजनीतिक नीतियों, गठबंधन के अंदर संवाद और विधायकों के समर्थन पर आधारित होगा। लेकिन अमित शाह के ‘बड़ा आदमी’ वाले वादों ने इन नेताओं की पहचान और संभावनाओं पर राजनीतिक भूचाल ला दिया है और सीएम रेस को और व्यापक बना दिया है।