बिहार बजट 2026: जल प्रबंधन और सिंचाई को विकास की रीढ़ मानते हुए बड़े निवेश की घोषणा
बिहार सरकार ने बजट 2026 में जल प्रबंधन और सिंचाई को राज्य के विकास की रीढ़ के रूप में महत्व दिया है। राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सिंचाई और जल संरक्षण हमेशा से प्राथमिकता रही है, और इस बजट में इस क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह पहल कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और बाढ़ तथा भूजल संरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सबसे अहम योजना कोसी-मेची नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तरी बिहार के सीमांचल क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से लगभग 2.15 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जा सकेगा, जिससे इस क्षेत्र के किसान अपनी फसलों में उच्च उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे और आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। सीमांचल क्षेत्र में सिंचाई की कमी और बाढ़ की समस्या लंबे समय से रही है, और इस परियोजना से इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा।
इसके अलावा पूर्वी बिहार में बड़ुआ, खड़गपुर और बरनार जलाशय योजनाओं पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है। इन जलाशयों से लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा मिलेगी। जलाशयों में जल संचयन से न केवल सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित होगी, बल्कि भूजल स्तर में सुधार और सूखा प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जल प्रबंधन और सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बाढ़ नियंत्रण भी एक प्राथमिक उद्देश्य है। बिहार में हर वर्ष कई जिलों में बाढ़ आती है, जिससे फसलों और जीवनयापन को भारी नुकसान होता है। कोसी-मेची और अन्य जलाशय परियोजनाओं से पानी का नियंत्रित प्रवाह सुनिश्चित होगा, जिससे बाढ़ के दौरान नुकसान कम होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई और जल प्रबंधन में किए गए निवेश से किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल और ग्रामीण रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेषकर सीमांचल और पूर्वी बिहार के किसान लंबे समय से सिंचाई की कमी के कारण आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। इन परियोजनाओं से उनके उत्पादन और आय में सुधार होगा।
बजट 2026 में इन परियोजनाओं को शामिल कर सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कृषि और जल संसाधन प्रबंधन को राज्य के विकास की प्राथमिकता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजनाएं समय पर और सही तरीके से लागू की जाती हैं, तो यह बिहार में कृषि उत्पादन, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए निर्णायक साबित होंगी।
इस प्रकार, बिहार बजट 2026 में जल प्रबंधन और सिंचाई पर किए गए बड़े निवेश से राज्य में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कोसी-मेची नदी जोड़ो परियोजना और पूर्वी बिहार के जलाशय योजनाओं से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा, बाढ़ नियंत्रण और भूजल संरक्षण सुनिश्चित होगा, और किसानों की आय में वृद्धि के साथ राज्य में सतत और टिकाऊ विकास की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।