भोजपुर एनकाउंटर केस में बड़ा मोड़: SDPO, SHO समेत कई पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR, वीडियो में देंखे भरत तिवारी की मां ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सातवें दिन बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भरत तिवारी की मां के आवेदन पर जगदीशपुर के एसडीपीओ, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
SDPO और SHO समेत कई पुलिसकर्मी नामजद
दर्ज एफआईआर में जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार और अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। भरत तिवारी की मां का आरोप है कि उनके बेटे ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी।
सरेंडर के बाद हत्या का आरोप
परिजनों का दावा है कि 17 जून को भरत तिवारी ने फेसबुक लाइव के जरिए सार्वजनिक रूप से सरेंडर करने की घोषणा की थी। आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस ने उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसी आधार पर परिवार लगातार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहा था।
मामले में दर्ज हुई चौथी FIR
भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण में यह अब तक की चौथी एफआईआर है। इससे पहले भी घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को लेकर मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि यह पहली बार है जब सीधे पुलिस अधिकारियों और जवानों पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।
सरकार पर उठ रहे थे सवाल
मामले को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। आरोप लगाया जा रहा था कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने से बच रही है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच की दिशा और तेज होने की संभावना है।
जांच के बाद सामने आएगा सच
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भरत तिवारी ने वास्तव में आत्मसमर्पण कर दिया था और यदि ऐसा था तो एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ। जांच एजेंसियां अब वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेंगी।
परिजनों को न्याय की उम्मीद
एफआईआर दर्ज होने के बाद भरत तिवारी के परिवार ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है। वहीं पुलिस विभाग की ओर से अभी इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस हाई-प्रोफाइल मामले की तस्वीर साफ कर सकते हैं।