IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार को बड़ा झटका, लालू-राबड़ी-तेजस्वी समेत 9 पर आरोप तय
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आरोप तय किए। वहीं, सात अन्य आरोपियों को मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया।
लालू-राबड़ी-तेजस्वी समेत इन पर आरोप
अदालत के आदेश के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेम चंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं। कोर्ट ने मामले में सात अन्य आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया है।
अदालत ने मामले में आरोप तय करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ आगे मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर मजबूत संदेह मौजूद है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस दलील को भी स्वीकार नहीं किया कि जांच राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी।
क्या है पूरा IRCTC होटल मामला?
यह मामला उस समय का है, जब 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई का आरोप है कि रेलवे के रांची और पुरी स्थित दो आईआरसीटीसी होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका देने में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी की गई और टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर हुआ।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह ठेका सुजाता होटल्स को दिया गया था। आरोप है कि इसके बदले पटना में एक बेशकीमती जमीन बेहद कम कीमत पर ऐसी कंपनी के जरिए ट्रांसफर की गई, जिसका संबंध लालू परिवार के करीबियों से था। बाद में कंपनी के शेयर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से जुड़ गए।
CBI के बाद ED ने संभाली जांच
मामले में पहले सीबीआई ने कथित भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों की जांच की। इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अलग मामला दर्ज किया। ईडी की जांच का केंद्र कथित अपराध से अर्जित संपत्ति और उससे जुड़े लेनदेन रहे हैं।
इससे पहले अक्टूबर 2025 में संबंधित सीबीआई मामले में भी लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप तय किए जा चुके हैं।
अब आगे क्या होगा?
दिल्ली कोर्ट के ताजा आदेश के बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। रिपोर्टों के मुताबिक आरोपियों को 3 अक्टूबर को अदालत में पेश होना है। इसके बाद मामले में साक्ष्य और गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
लालू परिवार इन आरोपों को खारिज करता रहा है और जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताता रहा है। हालांकि, अब अदालत की ओर से आरोप तय किए जाने के बाद मामले की सुनवाई अगले चरण में पहुंच गई है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि लालू परिवार के खिलाफ चल रहे पुराने मामलों में कानूनी दबाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।