बिहार EOU की बड़ी कार्रवाई: SDPO गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगंज के SDPO गौतम कुमार को अपने रडार पर लिया है। गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित रह चुके गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।
EOU की जांच में खुलासा हुआ है कि गौतम कुमार ने अपनी ज्ञात आय से करीब 61 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, गौतम कुमार मूल रूप से पूर्णिया जिले के खजांची हाट थाना क्षेत्र के निवासी हैं और वर्तमान में किशनगंज में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के पद पर तैनात हैं। उनके सेवा रिकॉर्ड पर नजर डालें तो वह वर्ष 1994 में बिहार पुलिस सेवा में शामिल हुए थे। लंबे समय तक विभिन्न जिलों में सेवा देने के बाद उन्हें पदोन्नति मिली और वर्ष 2019 में वह डिप्टी एसपी बने।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पूर्णिया, अररिया, बगहा और किशनगंज जैसे जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। हालांकि, अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों ने उनके करियर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
EOU के अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान उनके पास बड़ी मात्रा में अघोषित संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। फिलहाल, उनकी संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि यह संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आगे चलकर छापेमारी और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। EOU की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा तेज हो गई है। एक गैलेंट्री अवॉर्ड विजेता अधिकारी के खिलाफ इस तरह के आरोप सामने आना कई सवाल खड़े करता है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
फिलहाल, इस मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।