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भागलपुर एनएच-80 पर भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार चाय की दुकान में घुसी, तीन की मौत, छह गंभीर घायल

 

बिहार के भागलपुर जिले से एक भयावह सड़क हादसे की खबर सामने आई है। एनएच-80 पर अजगैवीनाथ धाम के पास मंगलवार देर शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित चाय की दुकान में जा घुसी। इस भीषण हादसे में कार में सवार नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब कार चालक वाहन को नियंत्रण में नहीं रख सका। गाड़ी सीधे चाय की दुकान में जा घुसी, जिससे दुकानदार और आसपास खड़े लोग भी घायल हुए। घटना के दौरान आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग चीख-पुकार करने लगे।

घायलों को तुरंत मौके से उठाकर मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान नितेश मिश्रा, श्रवण कुमार और दुर्गेश कुमार की मौत हो गई। छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि घायलों की स्थिति गंभीर है और उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे की वजह तेज रफ्तार और सड़क पर लापरवाही लगती है। उन्होंने कहा कि अगर सड़क किनारे सुरक्षा उपाय और गति नियंत्रण के लिए संकेत लगाए जाते, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था।

भागलपुर पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कार चालक और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा चालक की लापरवाही के कारण हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एनएच-80 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय मार्गों पर तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और पुलिस निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसे कम से कम हों।

स्थानीय प्रशासन ने कहा कि घटना स्थल का निरीक्षण किया गया और वहां अस्थायी सुरक्षा और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सड़क पर सतर्क रहें और वाहन चलाते समय गति का विशेष ध्यान रखें।

भागलपुर की यह घटना न केवल घायलों और मृतकों के परिवारों के लिए दुखद है, बल्कि पूरे इलाके में सड़क सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता ही इस तरह के हादसों से सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

इस हादसे ने यह भी साबित किया कि सड़क पर लापरवाही और तेज रफ्तार किसी की भी जिंदगी के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए और हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ।