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Bhagalpur News: 3792 करोड़ की मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर उठे सवाल, नई सड़क में आई 40 मीटर लंबी दरार; NHAI ने शुरू की जांच

 

बिहार के भागलपुर जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 3,792 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के नवनिर्मित हिस्से में बड़ी दरार और मिट्टी धंसने की समस्या सामने आई है। सड़क पर करीब 40 मीटर लंबी दरार आने के बाद यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मामला सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित हिस्से को दोबारा बनाया जाएगा।

नई सड़क में दरार से बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार, मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन के एक हिस्से में सड़क धंसने और दरार पड़ने की शिकायत सामने आई। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

नवनिर्मित सड़क में इस तरह की समस्या आने से लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है।

NHAI ने बनाई जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए NHAI ने जांच टीम गठित की है। टीम सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, मिट्टी की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और निर्माण प्रक्रिया की जांच करेगी।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और सड़क के खराब हिस्से को फिर से तैयार कराया जाएगा।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

सड़क में आई दरार को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से बनने वाली सड़क में इतनी जल्दी खराबी आना गंभीर मामला है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और NHAI से मांग की है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह का खतरा न रहे।

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन का महत्व

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह सड़क क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार और परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।

इस परियोजना के पूरा होने से भागलपुर समेत आसपास के जिलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

गुणवत्ता जांच पर टिकी नजर

फिलहाल NHAI की जांच टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि सड़क में दरार आने की असली वजह क्या है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और NHAI की कार्रवाई पर है। वे चाहते हैं कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और सड़क को लंबे समय तक सुरक्षित बनाया जाए।