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जमीन रजिस्ट्री के पैसे के विवाद में आर्मी जवान को पेट्रोल डालकर जलाया, लखनऊ में इलाज के दौरान मौत

 

बिहार के कैमूर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहुका गांव निवासी आर्मी जवान शत्रुघ्न यादव को जमीन के पैसे के लेन-देन के विवाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले करने का आरोप है। गंभीर रूप से झुलसे जवान का पहले वाराणसी में इलाज कराया गया, जिसके बाद उन्हें लखनऊ स्थित मिलिट्री अस्पताल रेफर किया गया। करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 16 सितंबर की देर रात उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

16 लाख रुपये के बकाये को लेकर था विवाद

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शत्रुघ्न यादव ने गांव के कुछ लोगों को जमीन बेची थी। जमीन के सौदे से करीब 16 लाख रुपये बकाया होने की बात सामने आई है। जवान छुट्टी पर घर आए थे और इसी बकाया रकम को लेकर उनका विवाद चल रहा था। आरोप है कि 9 सितंबर को उन्हें पैसे देने के बहाने बुलाया गया। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई।

घटना के बाद जवान गंभीर रूप से झुलस गए। रिपोर्टों के अनुसार उनके शरीर का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा जल गया था। उन्हें तत्काल इलाज के लिए वाराणसी ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही।

तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार जमीन के पैसों के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद था। जवान के झुलसने के बाद उनका बयान भी दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। रिपोर्टों में एक अन्य आरोपी के फरार होने और उसकी तलाश में छापेमारी किए जाने की बात कही गई है।

परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद कुछ आरोपियों को पहले थाने से छोड़ दिया गया था। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है।

मौत की खबर के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण

शत्रुघ्न यादव की मौत की खबर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन सड़कों पर उतर आए। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों ने करीब पांच किलोमीटर पैदल मार्च कर रामगढ़ थाना पहुंचकर विरोध जताया। इसके बाद रामगढ़ के दुर्गा चौक के पास एनएच-319ए को भी जाम किया गया। प्रदर्शनकारियों ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

मौके पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मामले में एसआईटी गठित कर जांच और स्पीडी ट्रायल की बात भी सामने आई है।

परिवार में पसरा मातम

शत्रुघ्न यादव की मौत के बाद उनके परिवार में मातम का माहौल है। रिपोर्टों के अनुसार उनकी दो छोटी बेटियां हैं। जवान की मौत के बाद ग्रामीणों में भी गहरा आक्रोश है। परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। जमीन के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद किस तरह हिंसक घटना में बदल गया और इसमें कितने लोग शामिल थे, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।