फौजी बनकर युवती को ठगता रहा पंचरवाला अरमान, आतंकी कहानियां सुनाकर ऐंठे पैसे; पीड़िता ने खोला राज
एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को फौजी बताकर एक युवती को लंबे समय तक गुमराह किया। पीड़िता का आरोप है कि जिस व्यक्ति को वह सेना का जवान समझती रही, वह असल में पंचर की दुकान चलाने वाला निकला। आरोपी ने कथित तौर पर आतंकवाद से जुड़ी कहानियां सुनाकर युवती का भरोसा जीता और फिर उससे पैसे मांगता रहा।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने खुद को सेना से जुड़ा हुआ बताकर अपनी पहचान बनाई थी। वह अक्सर अपनी बहादुरी और फौजी जिंदगी से जुड़ी बातें सुनाता था। उसने कई बार आतंकियों से मुकाबले और खतरनाक मिशनों की झूठी कहानियां सुनाकर युवती को प्रभावित किया।
झूठी पहचान बनाकर बनाया भरोसा
पीड़िता ने बताया कि शुरुआत में उसे आरोपी की बातों पर विश्वास हो गया था। आरोपी खुद को देश सेवा से जुड़ा बताता था और अपनी कथित फौजी जिंदगी के किस्से सुनाकर सहानुभूति हासिल करता था।
धीरे-धीरे उसने आर्थिक परेशानियों का हवाला देकर युवती से पैसे मांगने शुरू कर दिए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग बहानों से उससे रकम ली और खुद को मजबूर बताता रहा।
आतंकी मुठभेड़ों की सुनाता था कहानी
पीड़िता के अनुसार, आरोपी अक्सर आतंकियों से जुड़े किस्से सुनाता था। वह दावा करता था कि उसने कई खतरनाक हालात का सामना किया है। इन कहानियों के जरिए वह अपना प्रभाव जमाने की कोशिश करता था।
युवती को बाद में जब आरोपी की असली पहचान के बारे में पता चला तो उसके होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि वह सेना में नहीं था, बल्कि पंचर की दुकान चलाता था।
सच्चाई सामने आने के बाद हुआ खुलासा
पीड़िता ने मामले की शिकायत की, जिसके बाद आरोपी की पहचान और उसके दावों की जांच शुरू हुई। जांच में कथित तौर पर पता चला कि युवक ने फर्जी पहचान बनाकर युवती को अपने जाल में फंसाया था।
अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने कितने लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
फर्जी पहचान के जरिए ठगी के मामले बढ़े
आजकल सोशल मीडिया और ऑनलाइन संपर्कों के जरिए फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों की पुष्टि किए बिना उस पर पूरी तरह भरोसा नहीं करना चाहिए।
पुलिस भी लोगों से अपील करती है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर आर्थिक मदद करने से पहले उसकी वास्तविकता जरूर जांच लें।
फिलहाल इस मामले में आरोपी की भूमिका, पैसों के लेन-देन और अन्य संभावित पीड़ितों को लेकर जांच जारी है। पीड़िता के आरोपों के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।