अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट का झटका, फुटेज में जाने दुलारचंद हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश
मोकामा के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर कर जेल लौटने का आदेश दिया है। इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में अनंत सिंह को जमानत दी थी। उनकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।शुक्रवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के सामने मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान अनंत सिंह के वकील ने अलत को बताया कि उनके परिवार में 25 नवंबर को शादी समारोह है। इस पर कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने की मोहलत दी।
हाईकोर्ट से मिली जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की
सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की ओर से दाखिल याचिका पर हुई थी। याचिका में पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अनंत सिंह को जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को रद्द करते हुए अनंत सिंह को सरेंडर करने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि दुलारचंद यादव की दिनदहाड़े हत्या हुई थी और जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। अदालत ने भी टिप्पणी की कि हाईकोर्ट का यह मानना सही नहीं था कि अनंत सिंह के खिलाफ आपराधिक मामले केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण दर्ज हुए हैं।
चार महीने में जांच पूरी करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस को दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे सुनवाई की जाएगी। इस तरह पुलिस को जांच के लिए स्पष्ट समयसीमा दी गई है।दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा इलाके में हुई थी। वह जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इस मामले में अनंत सिंह पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। उन्हें 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अंतिम न्यायिक फैसला आना बाकी है।
जेडीयू से निष्कासन के बाद भी चर्चा में अनंत सिंह
अनंत सिंह हाल ही में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा में रहे। बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाकर जनसुराज के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया था। इसके बाद जनता दल यूनाइटेड ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पूर्व विधायक नीलम देवी के खिलाफ भी पार्टी ने कार्रवाई की थी।सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक जेल लौटना होगा। वहीं, बिहार पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करनी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई जांच की प्रगति के बाद होगी।