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बिहार में बाढ़ के बीच महिला अधिकारियों की पहल, कहीं ट्रैक्टर तो कहीं नाव से गांवों तक पहुंचा राहत का सामान

 

बिहार में बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ही कई इलाकों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कें डूबने और रास्ते बंद होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी प्रशासन के सामने चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे हालात में महिला प्रशासनिक अधिकारी खुद फील्ड में उतरकर प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में जुटी हैं। भागलपुर से पटना तक महिला अधिकारियों ने मुश्किल रास्तों के बीच गांवों और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई।

भागलपुर के शाहकुंड की अंचल अधिकारी हर्षा कोमल भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचीं। जब कई जगहों पर सामान्य वाहनों से पहुंचना मुश्किल हुआ तो वह ट्रैक्टर पर बैठकर राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों की ओर रवाना हुईं। ट्रैक्टर के जरिए सामान को उन इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां पानी और खराब रास्तों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया था।

रास्ता बंद मिला तो ट्रैक्टर से निकलीं CO

बाढ़ के पानी के कारण शाहकुंड के कई ग्रामीण इलाकों में आने-जाने के रास्ते प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राहत सामग्री को गांवों तक पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। सीओ हर्षा कोमल ने मौके की स्थिति को देखते हुए ट्रैक्टर से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने का फैसला किया।

ट्रैक्टर पर राहत सामग्री लेकर निकलने का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह मुश्किल परिस्थितियों में मौके पर पहुंचना राहत अभियान के दौरान फील्ड स्तर पर मौजूदगी को दिखाता है।

पटना सिटी की SDO भी पहुंचीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में

वहीं पटना सिटी की एसडीओ कशिश बक्शी भी गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचीं। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में पानी का दबाव बढ़ा है। प्रशासन की टीम लोगों की जरूरतों और राहत व्यवस्था का जायजा ले रही है।

बाढ़ के दौरान कई जगहों पर सड़क संपर्क टूटने के कारण नाव और अन्य वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

फील्ड में उतरकर संभाल रहीं राहत व्यवस्था

बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने की है। पानी बढ़ने के कारण कई गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अधिकारी स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल कर प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

महिला अधिकारियों के फील्ड में उतरकर राहत कार्यों की निगरानी करने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आ रहे हैं। प्रशासन का जोर बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने पर है। जैसे-जैसे पानी का स्तर बदल रहा है, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान को भी उसी के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।