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धनतेरस से पहले मुजफ्फरपुर के कार्यपालक पदाधिकारी के ठिकानों पर निगरानी की रेड, 1 करोड़ से ज्यादा की आय से अधिक संपत्ति का आरोप

 

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। धनतेरस से ठीक एक दिन पहले निगरानी की टीम ने मुजफ्फरपुर जिले की माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के पटना, सहरसा और मुजफ्फरपुर स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में की गई है।

निगरानी की अलग-अलग टीमों ने गुरुवार को पटना के भुसौला, दानापुर स्थित फ्लैट, सहरसा स्थित पैतृक आवास और मुजफ्फरपुर स्थित कार्यालय सहित अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने यहां संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और अन्य जरूरी साक्ष्यों की जांच की।

एक करोड़ रुपये से अधिक की आय से ज्यादा संपत्ति का आरोप

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में सुशील कुमार के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से करीब 1 करोड़ 58 हजार 733 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सामने आया है। इसे उनकी ज्ञात आय से लगभग 110 प्रतिशत अधिक बताया गया है। इस संबंध में 4 नवंबर 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 131/26 दर्ज किया गया था। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

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पत्नी और परिजनों के नाम पर छह संपत्तियों का पता

प्रारंभिक जांच के दौरान सुशील कुमार, उनकी पत्नी चांदनी गुप्ता और अन्य परिजनों के नाम पर कुल छह अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। इन संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1 करोड़ 37 लाख 71 हजार 400 रुपये बताया गया है।

इसके अलावा अलग-अलग बैंकों में करीब 28 लाख 54 हजार रुपये जमा होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। निगरानी की टीम इन संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

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तीन विशेष टीमों ने एक साथ की छापेमारी

विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से सर्च वारंट मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने तीन विशेष टीमों का गठन किया था। इन टीमों ने पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा में एक साथ तलाशी शुरू की।

सुशील कुमार का पैतृक निवास सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के तरियामा गांव में बताया गया है, जबकि उनका वर्तमान पता पटना के भुसौला, दानापुर इलाके में है। निगरानी की कार्रवाई के दौरान अलग-अलग ठिकानों से संपत्ति से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए।

जांच पूरी होने के बाद हो सकते हैं और खुलासे

निगरानी ब्यूरो की जांच में सामने आए संपत्ति के विवरण के आधार पर मामले की आगे पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी और अनुसंधान के दौरान संपत्ति के अन्य स्रोतों से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती है। फिलहाल यह मामला आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच से जुड़ा है। अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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