नालंदा में एडवोकेट के बेटे का मर्डर, सिर कूचकर नहर में फेंकी डेड बॉडी; भाई ने प्रेमिका के परिजनों पर लगाया आरोप
बिहार के नालंदा जिले में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 25 वर्षीय पीजी छात्र और अधिवक्ता के बेटे शिवम रेक्स का शव नहर में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंका गया। मृतक के भाई ने प्रेमिका के पिता और भाई पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट होगी।
चार दिन बाद नहर में मिला शव
मृतक शिवम रेक्स नालंदा के तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र के गोवाल बिगहा का रहने वाला था। वह पीजी प्रथम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। उसका शव राढ़ील छिलका और खड्डी लोदीपुर गांव के बीच नहर में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जानकारी में युवक के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। शरीर पर अन्य जख्म होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
छह महीने से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
परिजनों के अनुसार शिवम का एकंगरसराय थाना क्षेत्र के एकंगरडीह गांव की रहने वाली युवती से करीब छह महीने से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों एक ही कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष के छात्र बताए जा रहे हैं। इसी संबंध को लेकर विवाद की आशंका जताई जा रही है।
मृतक के पिता ओम प्रकाश और मां दोनों हिलसा कोर्ट में अधिवक्ता हैं। परिवार का आरोप है कि प्रेमिका के परिजनों ने शिवम को बातचीत के बहाने बुलाया था। इसके बाद उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के बड़े भाई सत्यम केशवा ने बताया कि 14 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे शिवम से आखिरी बार बातचीत हुई थी। उस समय शिवम ने खुद को बिहारशरीफ में बताया था। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।
परिजनों का आरोप है कि शिवम को भरोसे में लेकर बुलाया गया और फिर उसके साथ मारपीट की गई। परिवार ने प्रेमिका के पिता और भाई की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। मृतक के पिता ने भी आरोप लगाया कि लड़की के भाई ने पहले मामले को ‘मैनेज’ करने की बात कही थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मोबाइल सिम से हुई पहचान
पुलिस को नहर से एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की जेब से मोबाइल बरामद हुआ, लेकिन पानी में भीगने के कारण वह बंद था। एफएसएल टीम की मौजूदगी में मोबाइल का सिम दूसरे फोन में लगाया गया। इसके बाद हिलसा के एक अधिवक्ता का नंबर सामने आया और पुलिस ने परिवार से संपर्क किया।
तेल्हाड़ा थानाध्यक्ष अजीत कुमार टिंकू के अनुसार, युवक का मोबाइल 14 सितंबर की रात करीब 8 बजे से बंद था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस प्रेम-प्रसंग, आखिरी लोकेशन, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपितों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि युवक की मौत हत्या से हुई या घटना की कोई दूसरी वजह थी।