छात्राओं से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप, दो शिक्षक निलंबित; FIR नहीं होने पर उठे सवाल
एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के दो शिक्षकों ने छात्राओं को अपने जाल में फंसाया और महीनों तक उनका शोषण करते रहे। घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराकर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, लेकिन अब तक पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं कराए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने छात्राओं को बहला-फुसलाकर उनके साथ गलत हरकतें कीं और इसके वीडियो भी बनाए। इसके बाद आरोपी शिक्षक कथित रूप से वीडियो के जरिए छात्राओं को ब्लैकमेल करते रहे और उन्हें बार-बार मिलने के लिए मजबूर करते थे।
बताया जा रहा है कि यह सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा। पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों को जब इस पूरे मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
हालांकि, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक पुलिस में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई गई है। कानून के जानकारों का कहना है कि नाबालिग छात्राओं से जुड़े यौन अपराध के मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जानी चाहिए। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया बेहद जरूरी होती है।
घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसी सुरक्षित जगह पर अगर इस तरह की घटनाएं होती हैं तो यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शिक्षा विभाग की ओर से मामले की आगे की जांच जारी है। वहीं, पुलिस में शिकायत दर्ज होने और कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।