समस्तीपुर में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर बना पूजा पंडाल, महानवमी पर शिवकली दुर्गा मंदिर में खोईंछा भरने उमड़ीं महिलाएं
बिहार के समस्तीपुर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर भक्ति और आस्था का खास माहौल देखने को मिल रहा है। यहां शिवकली दुर्गा मंदिर में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर पूजा पंडाल तैयार किया गया है। महानवमी के अवसर पर मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर में महिलाओं के लिए खोईंछा भरने की परंपरा भी विशेष आकर्षण बनी हुई है।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर सजा पंडाल
समस्तीपुर के शिवकली दुर्गा मंदिर में इस बार पूजा पंडाल को दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। पंडाल की सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नवरात्र के दौरान भक्त माता दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं।
पूजा पंडाल को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। नवरात्र के अंतिम दिनों में मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियों का माहौल बना हुआ है। महानवमी पर विशेष पूजा के साथ भक्तों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है।
महानवमी पर खोईंछा भरने की परंपरा
शिवकली दुर्गा मंदिर में महानवमी के अवसर पर महिलाओं के खोईंछा भरने की परंपरा निभाई जाती है। बिहार और पूर्वी भारत के कई इलाकों में खोईंछा भरना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इस रस्म में महिलाएं माता को श्रद्धा के साथ सामग्री अर्पित करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
नवरात्र के दौरान महिलाएं माता दुर्गा की पूजा कर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं। महानवमी पर इस परंपरा को निभाने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं का आना खास महत्व रखता है।
श्रद्धालुओं के लिए बैठने और ठंडे पानी की व्यवस्था
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुर्सियों, पानी और कूलर की व्यवस्था की गई है। इससे पूजा-अर्चना के लिए आने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर भीड़ के दौरान बैठने और पानी की सुविधा बुजुर्गों तथा महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकती है।
नवरात्र के दौरान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुविधाओं की व्यवस्था से लोगों को दर्शन के लिए इंतजार करते समय सहूलियत मिलती है।
नवरात्र के अंतिम दिन भक्ति का माहौल
महानवमी को नवरात्र का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन भक्त माता दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और कई जगहों पर कन्या पूजन भी किया जाता है। समस्तीपुर के शिवकली दुर्गा मंदिर में भी पूजा पंडाल, खोईंछा भरने की परंपरा और श्रद्धालुओं की सुविधाएं इस अवसर को खास बना रही हैं।
मंदिर में आयोजित धार्मिक गतिविधियों के बीच श्रद्धालु माता दुर्गा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।