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बिहार में बरियारपुर से जमुई तक बनेगा फोरलेन हाईवे, 3 घंटे का सफर 90 मिनट में होगा पूरा; 4 जिलों को मिलेगा फायदा

 

बिहार के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। केंद्र सरकार ने बरियारपुर-तारापुर-संग्रामपुर होते हुए जमुई तक राष्ट्रीय राजमार्ग-333 (NH-333) को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पथ निर्माण विभाग की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

इस परियोजना को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। फोरलेन सड़क बनने से मुंगेर, जमुई, भागलपुर और शेखपुरा जिले के लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा बदलाव बरियारपुर से जमुई के बीच यात्रा के समय में देखने को मिलेगा। अभी इस दूरी को तय करने में करीब ढाई से तीन घंटे लगते हैं, जबकि फोरलेन बनने के बाद यह सफर लगभग 90 मिनट में पूरा हो सकेगा।

बरियारपुर से जमुई तक सड़क होगी चौड़ी

प्रस्तावित परियोजना के तहत बरियारपुर से तारापुर और संग्रामपुर होते हुए जमुई तक एनएच-333 को चार लेन में विकसित किया जाएगा। फिलहाल इस मार्ग पर यातायात का दबाव और सड़क की मौजूदा स्थिति यात्रा में अधिक समय लगने की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।

फोरलेन सड़क बनने से वाहनों को आवाजाही के लिए अधिक जगह मिलेगी। इससे जाम की समस्या कम होने और लंबी दूरी के सफर को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

चार जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इस सड़क परियोजना का लाभ मुंगेर, जमुई, भागलपुर और शेखपुरा जिले के लोगों को मिलने की उम्मीद है। इन जिलों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने से यात्रियों के साथ व्यापारियों और माल परिवहन से जुड़े लोगों को भी सुविधा मिल सकती है।

बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से स्थानीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा कृषि उत्पादों और दूसरे सामानों को एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।

ढाई से तीन घंटे का सफर 90 मिनट में

वर्तमान में बरियारपुर से जमुई पहुंचने में करीब 2.5 से 3 घंटे का समय लगता है। प्रस्तावित फोरलेन सड़क बनने के बाद यह दूरी लगभग 90 मिनट में तय होने का अनुमान है। यानी यात्रियों के करीब डेढ़ घंटे तक बचने की संभावना है।

सड़क की चौड़ाई बढ़ने से यातायात का संचालन बेहतर होगा और यात्रा पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

अब डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया तेज

केंद्र सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के अगले चरण में डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर में सड़क की लंबाई, निर्माण लागत, जमीन की आवश्यकता, पुल-पुलियों और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

इसके बाद निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया और समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस परियोजना से चार जिलों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने और बरियारपुर से जमुई के बीच यात्रा का समय घटने की उम्मीद बढ़ गई है।