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सिपाही भर्ती में 9 लाख रुपये में पास कराने का सौदा, एडमिट कार्ड पर स्कॉलर का फोटो लगाकर परीक्षा दिलाने की थी तैयारी

 

सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अभ्यर्थी को परीक्षा में पास कराने के लिए 9 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। योजना के तहत अभ्यर्थी के एडमिट कार्ड पर दूसरे व्यक्ति यानी स्कॉलर की तस्वीर लगाकर उसे परीक्षा में बैठाने की तैयारी थी। हालांकि, जिस व्यक्ति को अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देनी थी, वह निर्धारित समय पर पहुंचा ही नहीं। इसके बाद पूरी योजना पर सवाल खड़े हो गए।

एडमिट कार्ड पर फोटो बदलने की थी तैयारी

जानकारी के अनुसार, सिपाही भर्ती परीक्षा में चयन सुनिश्चित कराने के लिए कथित तौर पर अभ्यर्थी और दूसरे लोगों के बीच पैसों का लेनदेन तय हुआ था। योजना के तहत स्कॉलर को अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देनी थी। इसके लिए एडमिट कार्ड पर स्कॉलर की तस्वीर लगाने की तैयारी की गई थी, ताकि वह परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थी के स्थान पर बैठ सके।

इस तरह की कोशिश परीक्षा की निष्पक्षता और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। भर्ती परीक्षाओं में पहचान सत्यापन और दस्तावेजों की जांच का उद्देश्य इसी तरह की अनियमितताओं को रोकना होता है।

9 लाख रुपये में पास कराने का आरोप

मामले में 9 लाख रुपये में अभ्यर्थी को पास कराने का सौदा तय होने की बात सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि पूरी रकम का भुगतान किया गया था या केवल सौदा तय हुआ था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस कथित योजना में कितने लोग शामिल थे और रकम किसके माध्यम से दी जानी थी।

स्कॉलर के नहीं पहुंचने से योजना अटकी

बताया गया है कि अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाला स्कॉलर मौके पर नहीं पहुंचा। इसके कारण कथित योजना को अंजाम नहीं दिया जा सका। अब इस मामले में शामिल लोगों की भूमिका और योजना के पीछे की पूरी कहानी जांच का विषय हो सकती है।

भर्ती परीक्षाओं में किसी दूसरे व्यक्ति को बैठाना या दस्तावेजों में गलत जानकारी देना गंभीर अनियमितता है। ऐसे मामलों में संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घटना का स्थान, परीक्षा की तारीख, अभ्यर्थी और कथित स्कॉलर की पहचान तथा पुलिस या भर्ती एजेंसी की आधिकारिक कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है। इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।