मुंगेर में जेल से प्रत्याशी ने कराया नामांकन, जमीनी विवाद में गोलीबारी का आरोपी बना चुनावी मैदान का हिस्सा
बिहार के मुंगेर जिले से एक चौंकाने वाला चुनावी मामला सामने आया है। जमालपुर प्रखंड कार्यालय में जब नामांकन प्रक्रिया चल रही थी, तब सभी लोग हैरान रह गए, क्योंकि जेल में बंद एक आरोपी प्रत्याशी को हथकड़ी में बंधकर नामांकन कराने लाया गया।
जानकारी के अनुसार, यह आरोपी जमीनी विवाद में हुई गोलीबारी के मामले में जेल में बंद है। बावजूद इसके उसने चुनावी मैदान में उतरने का कदम रखा। जेल प्रशासन और पुलिस की देखरेख में उसे प्रखंड कार्यालय लाया गया, जहां प्रत्याशी ने अपने दस्तावेज जमा कर आधिकारिक रूप से नामांकन कराया।
स्थानीय लोग और प्रखंड के कर्मचारी इस दृश्य को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि यह मामला चुनावी प्रक्रिया और कानून व्यवस्था के बीच के रोचक और असामान्य दृश्य का उदाहरण है।
पुलिस और प्रशासन ने बताया कि जेल में बंद होने के बावजूद भी भारतीय कानून के तहत आरोपी प्रत्याशी बनने का अधिकार रखता है, जब तक उसके खिलाफ विशेष कानून ऐसा नहीं रोकता। इसलिए उसे नामांकन कराने की अनुमति दी गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना चुनावी प्रक्रिया में कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को उजागर करती है। जबकि कानून अपराधियों को उम्मीदवार बनने से पूरी तरह रोक नहींता, लेकिन जेल से प्रत्याशी का नामांकन कराना स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
मुंगेर के इस मामले ने यह दिखा दिया कि चुनावी मैदान में कभी-कभी कानून और राजनीति के बीच अनोखी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, जो आम जनता और अधिकारियों दोनों के लिए चौंकाने वाला अनुभव होती हैं।