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पटना के आईजीआईएमएस में 1200 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माणाधीन, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद

 

राजधानी पटना में आईजीआईएमएस परिसर में 1200 बेड का अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बन रहा है। इस अस्पताल को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई क्रांति लेकर आएगी और राज्यवासियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का निर्माण स्थल का निरीक्षण कार्यक्रम हाल ही में रद्द कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी और निर्माण एजेंसियां परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के निर्माण में आधुनिक निर्माण तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस नए अस्पताल में इमरजेंसी, जटिल सर्जरी, आईसीयू और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे न केवल राजधानी बल्कि पूरे राज्य के मरीजों को अत्याधुनिक इलाज का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अस्पताल के पूरा होने से बिहार में मरीजों को अन्य बड़े शहरों में इलाज कराने के लिए जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।

आईजीआईएमएस प्रशासन ने बताया कि अस्पताल का डिज़ाइन मरीजों और चिकित्सकों दोनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अस्पताल में पर्याप्त आईसीयू बेड, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब की सुविधा होगी। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी विभागों में हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और अन्य प्रमुख चिकित्सा क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे।

अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर और प्रशिक्षित चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए आरामदायक वार्ड और स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा प्रबंधन किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार का बड़ा और अत्याधुनिक अस्पताल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाएगा। अस्पताल के बनने से केवल उपचार की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी अधिक व्यापक और प्रभावी होगी।

आईजीआईएमएस प्रशासन ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की देरी को रोकने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें और प्रगति रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा, अस्पताल के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

इस नए मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के बन जाने से बिहार में स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लोग राज्य में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह अस्पताल राज्यवासियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

अंततः, आईजीआईएमएस में बन रहे 1200 बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल से बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। इमरजेंसी, आईसीयू, जटिल सर्जरी और सुपर स्पेशियलिटी विभागों की उपस्थिति से यह राज्यवासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवा का केंद्र बनेगा।