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दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का 71.1% काम पूरा, मिथिलांचल में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद

 

दरभंगा में मिथिलांचल और उत्तर बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का निर्माण तेजी से जारी है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अनुसार, नए टर्मिनल भवन का करीब 71.1 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण पूरा होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री क्षमता और सुविधाओं में विस्तार होने की उम्मीद है।

दरभंगा एयरपोर्ट उत्तर बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। मिथिलांचल के साथ-साथ आसपास के कई जिलों के लोग हवाई यात्रा के लिए इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट के मौजूदा ढांचे के विस्तार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

नए टर्मिनल भवन का निर्माण इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलने की संभावना है। टर्मिनल के विस्तार से यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी।

AAI के आंकड़ों के अनुसार, परियोजना का 71.1 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष निर्माण कार्य को भी तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद टर्मिनल में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार को मिथिलांचल और उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर हवाई सुविधा से दरभंगा के अलावा आसपास के जिलों के लोगों को भी फायदा मिल सकता है। इससे पटना या अन्य शहरों के जरिए हवाई यात्रा करने की निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है।

हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। दरभंगा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में रहते और काम करते हैं। ऐसे में बेहतर हवाई सेवा से आवागमन आसान हो सकता है।

नए टर्मिनल भवन के निर्माण कार्य की प्रगति पर AAI की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है। परियोजना के शेष कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है।

दरभंगा एयरपोर्ट का नया टर्मिनल तैयार होने के बाद यात्रियों को मौजूदा सुविधाओं की तुलना में बेहतर और अधिक व्यवस्थित व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। 71.1 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब परियोजना के अगले चरण पर लोगों की नजर है।