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बिहार में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, अगले 5 साल में विकसित होंगे 70 पर्यटन स्थल; कैमूर बनेगा दूसरा टाइगर रिजर्व

 

बिहार सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा रोडमैप तैयार किया है। अगले पांच वर्षों में राज्य के 70 पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा। योजना के तहत कैमूर को बिहार का दूसरा टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी है, जबकि वाल्मीकिनगर में एक आइकॉनिक टूरिज्म पार्क विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

70 पर्यटन स्थलों का होगा विकास

नई पर्यटन नीति के तहत बिहार के विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों का चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

कैमूर बनेगा बिहार का दूसरा टाइगर रिजर्व

योजना के तहत कैमूर को बिहार का दूसरा टाइगर रिजर्व विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इससे राज्य में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी और जंगल सफारी व प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

वाल्मीकिनगर में बनेगा आइकॉनिक टूरिज्म पार्क

राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल वाल्मीकिनगर में एक आइकॉनिक टूरिज्म पार्क विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं, मनोरंजन और प्रकृति आधारित गतिविधियों का विकास किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

इको-टूरिज्म पर रहेगा विशेष फोकस

सरकार की योजना में इको-टूरिज्म को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

पर्यटन से बढ़ेगी स्थानीय अर्थव्यवस्था

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों के विकास से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बिहार की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।