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अरवल के 57 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदला जा रहा है, बच्चों को मिलेगी खेल-खेल में शिक्षा

 

अरवल जिले में बच्चों की शिक्षा और शुरुआती विकास को ध्यान में रखते हुए 57 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा।

बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाएँ

इन आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौने, रंगीन उपकरण और अन्य आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को प्री-नर्सरी स्तर की शिक्षा प्रदान करना है। इससे न केवल उनकी शिक्षा में रुचि बढ़ेगी, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास में भी मदद मिलेगी।

नई शिक्षा नीति का असर

यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लाई गई है। शिक्षा नीति के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षा में खेल-क्रीड़ा और रचनात्मक गतिविधियों को शामिल करना आवश्यक है। इसके जरिए बच्चों में रचनात्मकता, सोचने की क्षमता और संवाद कौशल विकसित किया जा सकेगा।

शिक्षकों को प्रशिक्षण

केंद्रों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में बच्चों के विकास, खेल-आधारित शिक्षा और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाने की तकनीक शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व विकास और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक होंगे।

माता-पिता और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

माता-पिता और स्थानीय लोग इस योजना से काफी खुश हैं। उनका कहना है कि छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा का सही माहौल देने से भविष्य में उनकी पढ़ाई और सीखने की रुचि बढ़ेगी। स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि यह पहल बच्चों में स्वावलंबन और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करेगी।