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बिहार में बाढ़ से 41.45 लाख लोग प्रभावित, 14 जिलों की 517 पंचायतों में अब भी गंभीर हालात

 

बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब धीरे-धीरे पानी उतरने लगा है, लेकिन कई जिलों में हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। राज्य की 14 जिलों की 517 पंचायतों में अब भी बाढ़ का गंभीर असर दिखाई दे रहा है। बाढ़ के कारण करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन के अनुसार, कई इलाकों में जलस्तर कम होने के बावजूद लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों, सड़कों और खेतों में जमा पानी के कारण जनजीवन प्रभावित है।

कई जिलों में राहत और बचाव अभियान जारी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, राहत शिविर और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी जरूरत वाले इलाकों में बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कई जगहों पर लोग अभी भी नावों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण पशुओं के चारे और पीने के पानी की समस्या भी सामने आ रही है।

नदियों के जलस्तर पर नजर

राज्य में गंडक, कोसी, गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि कई स्थानों पर पानी घटने लगा है, लेकिन नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तटबंधों की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

किसानों को नुकसान की चिंता

बाढ़ का पानी उतरने के बाद किसानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। कई इलाकों में फसलें पानी में डूबने से नुकसान की आशंका जताई जा रही है। खेतों में जमा पानी और गाद के कारण रबी फसल की तैयारी पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरत नदी या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत कार्य बढ़ाए जाएंगे। फिलहाल बिहार में बाढ़ का असर कम होने लगा है, लेकिन लाखों प्रभावित लोगों के सामने सामान्य जीवन लौटाने की चुनौती बनी हुई है।