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नालंदा में मिड-डे मील खाने से 34 बच्चे बीमार, HM निलंबित; 3 रसोइया सेवामुक्त, NGO पर भी कार्रवाई

 

नालंदा के नूरसराय प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने के बाद 34 बच्चों के बीमार पड़ने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने स्कूल के हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है, जबकि तीन रसोइयों को सेवामुक्त कर दिया गया है। भोजन की आपूर्ति करने वाले एनजीओ और उससे जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

घटना के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बच्चों के बीमार पड़ने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। भोजन की गुणवत्ता और इसे तैयार करने से लेकर बच्चों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।

34 बच्चों की तबीयत बिगड़ी

मध्य विद्यालय परासी में मिड-डे मील खाने के बाद 34 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई थी। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और अन्य परेशानी होने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों में भी चिंता फैल गई। स्कूल परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। प्रशासन ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई।

हेडमास्टर निलंबित, तीन रसोइया सेवामुक्त

जांच के बाद विभाग ने स्कूल के हेडमास्टर को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मिड-डे मील तैयार करने वाले तीन रसोइयों को सेवामुक्त कर दिया गया है।

विभागीय कार्रवाई के पीछे भोजन की गुणवत्ता और निगरानी में हुई कथित लापरवाही को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

NGO की भूमिका भी जांच के घेरे में

मिड-डे मील की आपूर्ति करने वाले एनजीओ की भूमिका की भी जांच की जा रही है। भोजन की गुणवत्ता, तैयार करने की प्रक्रिया, सप्लाई और वितरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होगी।

संबंधित एनजीओ और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बच्चों के भोजन में ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई।

भोजन के सैंपल की जांच

मामले के बाद मिड-डे मील के सैंपल की जांच कराए जाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि बच्चों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह क्या थी।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।