पूर्णिया में 246 किलो गांजा जब्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.25 करोड़ तक; 4 तस्कर गिरफ्तार
बिहार के पूर्णिया जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 246.05 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख से 1 करोड़ 25 लाख रुपये के बीच है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार कथित तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, तस्करी से जुड़े इन लोगों के बारे में जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके बाद टीम ने संदिग्ध ठिकाने पर दबिश देकर गांजा बरामद किया। मौके से चार लोगों को पकड़ा गया। बरामद गांजे को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा पुलिस तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।
करीब 246 किलो गांजे की बरामदगी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 1.20 करोड़ से 1.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि नशीले पदार्थों की कीमत बाजार, गुणवत्ता और स्थान के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। पुलिस की ओर से जब्त मादक पदार्थ को नियमानुसार सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी पहले भी किसी नशीले पदार्थ की तस्करी में शामिल रहे हैं या नहीं। मामले में पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्णिया में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करने के संकेत दिए हैं। सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों तथा व्यक्तियों पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने 246.05 किलोग्राम गांजा जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है और तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गांजे की खेप का स्रोत क्या था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।