बिहार के 20 हजार शिक्षक देंगे CTET परीक्षा, हेडमास्टर और प्रधान शिक्षक बनने की तैयारी तेज
बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 20 हजार शिक्षक अब हेडमास्टर और प्रधान शिक्षक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहे हैं। इसके लिए ये शिक्षक केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में शामिल होंगे। खास बात यह है कि परीक्षा देने वाले अधिकांश शिक्षक 55 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं और पदोन्नति की पात्रता हासिल करने के उद्देश्य से परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर को आयोजित होने वाली सीटीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों के बीच उत्साह के साथ गंभीर तैयारी भी देखने को मिल रही है। कई शिक्षक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक ऑफलाइन कोचिंग संस्थानों का भी सहारा ले रहे हैं। वर्षों बाद दोबारा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन पदोन्नति की उम्मीद उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित कर रही है।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय तक विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने के बाद अब वे प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए भी तैयार हैं। इसके लिए परीक्षा में सफलता जरूरी है, इसलिए वे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं और नए परीक्षा पैटर्न को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, हेडमास्टर और प्रधान शिक्षक के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए पात्रता संबंधी आवश्यक शर्तों का पालन किया जा रहा है। इसी क्रम में योग्य शिक्षकों के लिए सीटीईटी परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षकों को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
राज्य के विभिन्न जिलों में शिक्षक समूह बनाकर भी तैयारी कर रहे हैं। कई स्कूलों में अवकाश के बाद शिक्षक सामूहिक अध्ययन कर रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव कक्षाओं और मॉक टेस्ट का भी सहारा लिया जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभव और नियमित अभ्यास के दम पर वरिष्ठ शिक्षक परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि अनुभवी शिक्षकों को नेतृत्व की भूमिका मिलने से स्कूलों की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं, लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है।
फिलहाल 6 सितंबर को होने वाली परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षक पूरे उत्साह के साथ अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और बेहतर प्रदर्शन कर हेडमास्टर एवं प्रधान शिक्षक बनने का सपना साकार करने की उम्मीद लगाए हुए हैं।