नालंदा में बारिश से 20 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद: खेतों में तैयार धान की फसल जमीन पर गिरी, सरसों को भी नुकसान; सब्जियों की जड़ें गलने लगीं
बिहार के नालंदा जिले में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश के कारण जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर में लगी फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। खेतों में तैयार धान की फसल बारिश और तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई है। वहीं, सरसों की फसल भी प्रभावित हुई है। लगातार खेतों में पानी जमा रहने से सब्जियों की जड़ें गलने लगी हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
किसानों के मुताबिक, इस समय खेतों में धान की फसल तैयार होने की स्थिति में थी। कई किसान कटाई की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक मौसम बदलने और लगातार बारिश होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
जमीन पर गिर गई तैयार धान की फसल
बारिश का सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर देखने को मिल रहा है। खेतों में तैयार धान की बालियां भारी होने के कारण पौधे जमीन पर गिर गए हैं। फसल गिरने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा खेतों में पानी जमा होने से कटाई का काम भी मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने के समय बारिश होने से उन्हें दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ फसल को नुकसान पहुंचा है, वहीं दूसरी तरफ खेतों में पानी भरा होने के कारण कटाई और फसल को सुरक्षित रखने में दिक्कत आ रही है।
सरसों की फसल पर भी बारिश की मार
बारिश का असर केवल धान तक सीमित नहीं है। सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। खेतों में अधिक नमी और पानी जमा होने से सरसों के पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।
जिन किसानों ने सरसों की खेती की है, वे भी मौसम के इस बदलाव से चिंतित हैं। लगातार बारिश होने से खेतों में काम करना मुश्किल हो रहा है। किसानों को आशंका है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो फसलों को और नुकसान हो सकता है।
सब्जियों की जड़ें गलने लगीं
सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी बारिश परेशानी लेकर आई है। खेतों में लगातार पानी जमा रहने के कारण सब्जियों की जड़ें गलने लगी हैं। इससे पौधों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
किसानों के मुताबिक, सब्जियों की खेती में अधिक पानी नुकसानदायक साबित हो सकता है। खेतों से पानी की निकासी नहीं होने पर पौधों की जड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिलती, जिससे फसल प्रभावित होती है।
20 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ी
जिले में करीब 20 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद होने की जानकारी सामने आने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को इस नुकसान से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए फसल खराब होना बड़ी परेशानी है।
किसानों की मांग है कि कृषि विभाग और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करें। साथ ही पात्र किसानों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल बारिश से प्रभावित खेतों में नुकसान की स्थिति बनी हुई है। किसानों की नजर अब मौसम के अगले बदलाव और प्रशासन की ओर से होने वाले सर्वे पर टिकी है।