162 जवानों ने ली संविधान और राष्ट्र की रक्षा की शपथ, IG बोले- वर्दी ही पुलिसकर्मी की असली पहचान
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 162 जवानों ने संविधान और राष्ट्र की रक्षा करने की शपथ ली। इस अवसर पर आयोजित दीक्षांत समारोह में अधिकारियों ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी।
समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने कहा कि वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि एक पुलिसकर्मी की पहचान, जिम्मेदारी और जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने जवानों से कानून का निष्पक्ष पालन करते हुए आम नागरिकों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
संविधान और राष्ट्र की रक्षा का लिया संकल्प
दीक्षांत समारोह में सभी 162 जवानों ने संविधान के प्रति निष्ठा, राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा तथा अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से पालन करने की शपथ ली। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
IG ने अनुशासन और सेवा भाव पर दिया जोर
आईजी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस की वर्दी सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आती है। उन्होंने जवानों से कहा कि वे अपने व्यवहार, कार्यशैली और ईमानदारी से विभाग की प्रतिष्ठा को और मजबूत करें। उन्होंने नागरिकों के साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार अपनाने की भी सलाह दी।
प्रशिक्षण के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले जवान अब विभिन्न जिलों और इकाइयों में अपनी सेवाएं देंगे। उनसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि सभी जवान प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।