असरगंज के मध्य विद्यालय में फाइलेरिया अभियान के बाद 14 बच्चे बीमार, अफरातफरी मच गई
असरगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय मिल्क जोरारी में गुरुवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान अफरातफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद फाइलेरिया और एबंडाजोल की दवा दी गई। लेकिन दवा लेने के कुछ देर बाद अचानक 14 छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई।
परीक्षण के दौरान कई बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और चक्कर जैसी शिकायतें व्यक्त की। कुछ बच्चे बेहोश भी हो गए, जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने आनन-फानन में बच्चों को प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों की स्थिति का जायजा लेने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि बच्चों को तत्काल चिकित्सीय निगरानी की आवश्यकता है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ की तबीयत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में घटना को लेकर चिंता और नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इस तरह की योजनाओं में बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दवा की गुणवत्ता और वितरण प्रक्रिया की जांच के लिए टीम गठित की गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को भविष्य में कोई हानि न पहुंचे और इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं यह उजागर करती हैं कि स्वास्थ्य अभियानों के दौरान बच्चों की सुरक्षा और निगरानी अनिवार्य है। किसी भी दवा अभियान में बच्चों की स्थिति की पूर्व जानकारी, दवा की मात्रा और चिकित्सक की उपस्थिति जरूरी है।
स्कूल प्रशासन ने घटना के बाद स्कूल में और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को दवा देने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और किसी भी आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम हमेशा तैयार रहेगी।
स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। लोग स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की जान और सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी घटनाओं को दोबारा नहीं होने दिया जाना चाहिए।
असरगंज प्रखंड की यह घटना राज्य में स्वास्थ्य अभियानों के दौरान सुरक्षा और निगरानी की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी प्रभावित बच्चों को उचित इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
इस घटना ने समाज में स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे अभियान और अधिक सतर्कता और सावधानी के साथ आयोजित किए जाएंगे।