बिहार कैबिनेट के 13 बड़े फैसले: भोजपुर में बनेगा एक्वा पार्क, दरभंगा AIIMS परियोजना को मिली रफ्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर कृषि, डेयरी, स्वास्थ्य और प्रशासनिक क्षेत्रों पर पड़ेगा। सरकार ने राज्य में बुनियादी ढांचे और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय लिए हैं।
भोजपुर में बनेगा एक्वा पार्क
कैबिनेट ने भोजपुर जिले में एक्वा पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य मत्स्य पालन और जलीय कृषि को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी।
कैमूर में डेयरी प्लांट के लिए जमीन आवंटित
डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने कैमूर जिले में डेयरी प्लांट स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इस परियोजना से दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
BPSC करेगा CDPO अधिकारियों की भर्ती
कैबिनेट ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता भी साफ कर दिया है। अब इन पदों पर नियुक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
दरभंगा AIIMS परियोजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दरभंगा की जमीन को समतल करने और मिट्टी भराई से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी है। इस फैसले से दरभंगा AIIMS परियोजना को गति मिलेगी और निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा।
विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस
कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार स्वास्थ्य, कृषि, डेयरी और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
कई विभागों से जुड़े प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक सुधार और विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल रहे। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
बिहार कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य के विकास और निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।