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हिमंता बिस्वा सरमा ने ली लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ, शपथ समारोह में शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय

 

Himanta Biswa Sarma ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी गुवाहाटी में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक हस्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी देखने को मिली। इस कार्यक्रम ने पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।

समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। राज्यपाल द्वारा उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई, जिसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर राज्य की कमान संभाल ली।

विकास और स्थिरता पर जोर

शपथ ग्रहण के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन में हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस असम के विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं को और गति दी जाएगी ताकि राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल किया जा सके।

उन्होंने जनता के भरोसे के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह जनादेश उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे वह पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

अन्य राज्यों के नेताओं की मौजूदगी

इस शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न राज्यों के कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। इनमें पश्चिम बंगाल के विपक्षी नेता Suvendu Adhikari की उपस्थिति ने खासा ध्यान आकर्षित किया।

उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि वे एक विशिष्ट राजनीतिक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में समारोह में शामिल हुए थे।

राजनीतिक संदेश और संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के समारोहों में विभिन्न दलों के नेताओं की उपस्थिति अक्सर आपसी संवाद और राजनीतिक संकेतों को दर्शाती है। हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत को भाजपा के लिए पूर्वोत्तर में अपनी स्थिति और मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, विपक्षी नेताओं की मौजूदगी को लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक संवाद की निरंतरता के रूप में भी देखा जा रहा है।

असम में उम्मीदें और चुनौतियां

Assam में नए कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही कई चुनौतियां भी सामने हैं। इनमें बाढ़ प्रबंधन, बेरोजगारी, सीमा सुरक्षा और आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।

राज्य के लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएगी और जमीनी स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा।