ऑपरेशन सिंदूर-2 में क्या करेगा थिएटर कमांड, जानिए कहां पहुंची तैयारी
भारत की सैन्य व्यवस्था में जल्द ही एक ऐतिहासिक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय भारतीय सेना की ताकत को और अधिक आधुनिक तथा प्रभावी बनाने के लिए ‘थिएटर कमांड’ प्रणाली लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में किसी भी बड़े सैन्य अभियान या ऑपरेशन सिंदूर जैसी रणनीतिक कार्रवाई में थलसेना, वायुसेना और नौसेना एक संयुक्त कमांड के तहत काम करेंगी। इससे युद्ध और सुरक्षा अभियानों में तालमेल पहले से कहीं अधिक मजबूत होगा।
दरअसल, वर्तमान समय में भारतीय सेना की तीनों सेनाएं अलग-अलग कमांड संरचनाओं के तहत काम करती हैं। कई बार बड़े सैन्य अभियानों के दौरान समन्वय और संसाधनों के उपयोग में चुनौतियां सामने आती हैं। थिएटर कमांड व्यवस्था का उद्देश्य इन कमियों को दूर कर तीनों सेनाओं को एकीकृत रणनीति के तहत संचालित करना है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, थिएटर कमांड लागू होने के बाद किसी भी क्षेत्र विशेष के लिए एक संयुक्त कमांडर नियुक्त किया जाएगा, जो थलसेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमताओं का एक साथ उपयोग कर सकेगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और युद्ध जैसी परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई संभव हो पाएगी।
माना जा रहा है कि यह बदलाव भारत की सैन्य ताकत को नई दिशा देगा। आधुनिक युद्ध अब केवल जमीन तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर सुरक्षा, ड्रोन तकनीक, मिसाइल सिस्टम और हवाई हमलों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए संयुक्त सैन्य संचालन की जरूरत पहले से अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे में थिएटर कमांड मॉडल भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस योजना पर लंबे समय से काम कर रही है और तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद इसकी रूपरेखा लगभग तैयार मानी जा रही है। रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य है कि भारतीय सेना को दुनिया की आधुनिकतम सैन्य संरचनाओं के बराबर लाया जाए। अमेरिका, चीन और कई अन्य देशों में पहले से थिएटर कमांड प्रणाली लागू है और इसे प्रभावी सैन्य मॉडल माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि थिएटर कमांड लागू होने से सीमाओं पर सुरक्षा और मजबूत होगी। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से मिलने वाली चुनौतियों के बीच भारत अपनी सैन्य प्रतिक्रिया क्षमता को और तेज करना चाहता है। संयुक्त कमांड के जरिए किसी भी खतरे का जवाब अधिक संगठित और सटीक तरीके से दिया जा सकेगा।
इसके अलावा, रक्षा बजट और संसाधनों का बेहतर उपयोग भी इस नई व्यवस्था का बड़ा फायदा माना जा रहा है। अलग-अलग सेनाओं में मौजूद संसाधनों और तकनीक को साझा करने से खर्च में कमी आएगी और ऑपरेशन की क्षमता बढ़ेगी।
भारत की सैन्य रणनीति में थिएटर कमांड को भविष्य का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव देश की रक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है और भारत को वैश्विक सैन्य शक्तियों की कतार में और मजबूत स्थिति दिला सकता है।