भारी बारिश के बीच फॉर्च्यूनर पर आ गिरी विशाल चट्टान, जूनियर इंजीनियर की मौत
लगातार हो रही भारी बारिश ने पहाड़ी इलाकों में खतरा बढ़ा दिया है। इसी बीच एक दर्दनाक हादसे में सड़क से गुजर रही फॉर्च्यूनर कार पर अचानक विशाल चट्टान आ गिरी। हादसे में कार सवार जूनियर इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब तेज बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन शुरू हो गया। अचानक पहाड़ी से बड़ी चट्टान टूटकर नीचे आई और सीधे सड़क पर चल रही फॉर्च्यूनर गाड़ी पर गिर गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मौके पर ही हुई जूनियर इंजीनियर की मौत
जानकारी के अनुसार, मृतक एक सरकारी विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था और किसी काम से यात्रा कर रहा था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक जूनियर इंजीनियर की मौत हो चुकी थी।
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
भारी बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत न होने पर पहाड़ी रास्तों पर यात्रा से बचने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे चट्टानें और मलबा अचानक नीचे गिरने लगता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना जोखिम भरा माना जाता है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
हादसे के बाद प्रशासन ने इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है। संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत टीमों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर पहले भी भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। हादसे के बाद अब सड़क सुरक्षा और पहाड़ी क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग तेज हो गई है।
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बारिश के मौसम में पहाड़ी इलाकों में छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।