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जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने के आरोप में 6 गिरफ्तार, फुटेज में देंखे 4 महिलाएं शामिल; सीमा पार फंडिंग के शक में जांच तेज

 

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन से कथित संबंधों के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि कथित नेटवर्क को सीमा पार से फंडिंग मिली थी। मामले की जांच के दौरान कई गुप्त बैठकों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब फंडिंग के स्रोत, नेटवर्क से जुड़े लोगों और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटी है।पुलिस के मुताबिक, बांदीपोरा और आसपास के इलाकों में कथित तौर पर 14 से 15 गुप्त बैठकें आयोजित की गई थीं। जांचकर्ताओं को जानकारी मिली है कि इनमें से पांच से छह बैठकें बांदीपोरा-बारामूला रोड पर स्थित एक छोटे होटल में हुई थीं। इन बैठकों का उद्देश्य कथित तौर पर संगठन की विचारधारा का प्रचार करना और लोगों का समर्थन जुटाना था। हालांकि, इन गतिविधियों और आरोपियों की भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

एक साल में 7 से 8 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता

जांच एजेंसियों को एक साल से अधिक की अवधि में करीब 7 से 8 लाख रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है। पुलिस को संदेह है कि इस रकम का संबंध कथित नेटवर्क की गतिविधियों से हो सकता है। इसी आधार पर फंडिंग के स्रोत और पैसे के इस्तेमाल की जांच की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध रकम किन लोगों के खातों में पहुंची, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और क्या इसमें सीमा पार से धन मिलने की कोई भूमिका थी। फिलहाल सीमा पार फंडिंग की आशंका जांच का हिस्सा है। इसे लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

UAPA के तहत दर्ज किया गया मामला

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इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 10 और 13 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के कथित संगठनात्मक संबंधों, बैठकों और वित्तीय गतिविधियों के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रही है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय थे और उनकी क्या भूमिका थी। गिरफ्तार किए गए छह लोगों से पूछताछ के जरिए अन्य संभावित संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

वहीद अहमद भट से शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा निवासी वहीद अहमद भट से शुरू हुई। उसे वर्ष 2022 में एक सम्मेलन के बाद UAPA से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।पुलिस का दावा है कि कुपवाड़ा जेल में रहने के दौरान भट ने पाकिस्तान में मौजूद बताए गए मंजूर अहमद शाह से दोबारा संपर्क स्थापित किया। जांचकर्ताओं को संदेह है कि इसके बाद कथित नेटवर्क ने अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए बैठकों का आयोजन किया।पुलिस के मुताबिक, इन बैठकों के जरिए कथित तौर पर विचारधारा का प्रचार करने और समर्थन जुटाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियां अब इस संपर्क के स्वरूप, कथित नेटवर्क के विस्तार और अन्य लोगों की संभावित भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

फंडिंग और नेटवर्क के दूसरे संपर्कों की तलाश

बांदीपोरा में हुई गिरफ्तारियों के बाद पुलिस का ध्यान कथित नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों और संपर्कों पर केंद्रित है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि संदिग्ध लेन-देन, गुप्त बैठकों और आरोपियों के बीच संबंधों की कड़ियों को जोड़ा जा सके।फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। सीमा पार से फंडिंग मिलने और गिरफ्तार आरोपियों की कथित गतिविधियों से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।