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10-12 किमी दूर तक ‘बिना बोले’ संवाद करते हैं अफ्रीकी हाथी, विज्ञान ने खोला रहस्य

 

प्रकृति में कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो इंसानों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक अद्भुत उदाहरण हैं African Elephant, जो बिना आवाज सुने भी एक-दूसरे तक संदेश पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये हाथी 10 से 12 किलोमीटर दूर तक आपस में “बात” कर सकते हैं—और इंसानों को इसकी भनक तक नहीं लगती।

दरअसल, इसके पीछे का विज्ञान बेहद रोचक है। अफ्रीकी हाथी सामान्य ध्वनियों के अलावा “इन्फ्रासाउंड” (Infrasound) नामक बेहद कम फ्रीक्वेंसी वाली ध्वनि का उपयोग करते हैं। यह ध्वनि इतनी धीमी होती है कि इंसान इसे सुन नहीं पाते, लेकिन यह लंबी दूरी तक आसानी से यात्रा कर सकती है।

इन्फ्रासाउंड की खासियत यह है कि इसकी तरंगें हवा और जमीन दोनों के माध्यम से दूर तक फैलती हैं। हाथी इन तरंगों को अपने पैरों और सूंड के जरिए महसूस कर लेते हैं। उनके पैरों के तलवों में मौजूद विशेष संवेदनशील कोशिकाएं जमीन में कंपन को पकड़ लेती हैं, जिससे उन्हें दूर बैठे दूसरे हाथियों का संदेश मिल जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह संचार प्रणाली हाथियों के सामाजिक जीवन में बेहद अहम भूमिका निभाती है। इसके जरिए वे खतरे की चेतावनी, भोजन के स्रोत की जानकारी और अपने झुंड के अन्य सदस्यों से संपर्क बनाए रखते हैं।

रोचक बात यह भी है कि हाथियों की यह क्षमता उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी एकजुट रहने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई खतरा 10 किलोमीटर दूर मौजूद हो, तो वे पहले ही सतर्क हो जाते हैं और अपने समूह को सुरक्षित स्थान पर ले जाते हैं।

वैज्ञानिकों ने यह भी पाया है कि अलग-अलग परिस्थितियों में हाथी अलग-अलग प्रकार के इन्फ्रासाउंड सिग्नल का उपयोग करते हैं, जो उनके “भाषा तंत्र” को और भी जटिल और प्रभावशाली बनाता है।

फिलहाल, इस खोज ने यह साबित कर दिया है कि जानवरों की दुनिया में संचार के तरीके इंसानों से कहीं अधिक उन्नत और विविध हो सकते हैं। अफ्रीकी हाथियों की यह अनोखी क्षमता न केवल वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय है, बल्कि यह प्रकृति की अद्भुत बनावट का भी एक शानदार उदाहरण है।