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रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने हमें सुरक्षा का भरोसा दिया है: मुख्य कोच वीरेंद्र सिंह

 

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। ईरान-इजरायल के बीच चल रही जंग ने दुनियाभर में हवाई यातायात को प्रभावित किया है। भारतीय महिला कुश्ती टीम भी अल्बानिया के तिराना में फंस गई है। हालांकि, भारत सरकार और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की मदद से अल्बानिया की राजधानी में टीम के सुरक्षित रहने का पूरा प्रबंध किया गया है।

ईरान द्वारा इस क्षेत्र में इजरायल और अमेरिकी सैन्य बेस पर जवाबी हमले करने के बाद ज्यादातर पश्चिम एशियाई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। टारगेट में यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के बेस शामिल थे। ईरान द्वारा ये हमले अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में किए गए।

रविवार को खत्म हुए मुहामेट मालो 2026 कुश्ती टूर्नामेंट के लिए 16 महिला पहलवान अपने सपोर्ट स्टाफ के साथ अल्बानिया गई थीं और मिडिल ईस्ट में बढ़ते हालात के कारण दुनाई के रास्ते भारत लौटने वाली उनकी फ्लाइट कैंसिल होने के बाद अल्बानिया की राजधानी में फंस गईं।

हालांकि, पुरुषों की फ्रीस्टाइल टीम कुछ दिन पहले खत्म हुए अपने कॉम्पिटिशन के बाद देश लौट आई।

भारतीय महिला कुश्ती कोच मंजीत ने कहा कि टीम तिराना में एयरपोर्ट के पास एक होटल में रुकी हुई है और उन्होंने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारत सरकार को त्वरित सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

मंजीत ने कहा, "हमें यहां कोई दिक्कत नहीं है। हम यहां सुरक्षित हैं।"

मुख्य कोच वीरेंद्र सिंह ने कहा, "हमारी फ्लाइट कैंसिल होने के बाद, हमें खेल मंत्रालय और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से कॉल आया। हमें यहां किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है। फेडरेशन ने हमें भरोसा दिलाया है कि जब तक हालात ठीक नहीं हो जाते, हमें कोई मुश्किल नहीं होगी।"

भारत ने मुहामेट मालो 2026 के लिए 48 सदस्यों की कुश्ती टीम भेजी थी, जिसमें पुरुषों की फ्रीस्टाइल, महिलाओं की डिवीजन और ग्रीको-रोमन कैटेगरी में से हर एक में 16 खिलाड़ी शामिल थे। अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत कलकल, मुहामेट मालो 2026 रैंकिंग सीरीज में भारत के अकेले गोल्ड मेडलिस्ट थे। उन्होंने पुरुषों के 65 65 किग्रा फ्रीस्टाइल डिवीजन में जीत हासिल की। भारत ने एक स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य के साथ अपना सफर समाप्त किया था।

--आईएएनएस

पीएके