Wrestling Championship: काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने जीता सिल्वर, भारतीय महिला कुश्ती में बनाया नया रिकॉर्ड
भारतीय महिला पहलवान काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। काजल ने 76 किलोग्राम वर्ग में फाइनल तक पहुंचकर खास उपलब्धि हासिल की। दी गई जानकारी के मुताबिक, वह सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में हैवीवेट कैटेगरी में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान बनीं।
कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित चैंपियनशिप में दोनों भारतीय पहलवानों ने फाइनल तक का सफर तय किया। पहली बार ऐसा हुआ कि एक ही एडिशन में भारत की दो महिला पहलवानों ने फाइनल में जगह बनाई।
आखिरी 20 सेकंड में काजल से दूर हुआ गोल्ड
18 वर्षीय काजल ढोचक का 76 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पीयेवा से मुकाबला हुआ। पहले पीरियड के बाद काजल 1-3 से पीछे थीं, लेकिन दूसरे पीरियड में उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया।
मुकाबला खत्म होने से करीब 20 सेकंड पहले अल्पीयेवा ने चार अंक हासिल कर बढ़त बना ली। काजल ने अंतिम क्षणों में दो अंक जुटाए, लेकिन वह मुकाबला 6-8 से हार गईं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
काजल पहली बार सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही थीं। सेमीफाइनल में उन्होंने किर्गिस्तान की ऐपेरी मेदेत क्यजी को 10-7 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वह अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं।
नीलम सिरोही को भी मिला रजत पदक
भारत की 26 वर्षीय पहलवान नीलम सिरोही ने 50 किलोग्राम वर्ग में फाइनल तक पहुंचकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। खिताबी मुकाबले में उनका सामना जापान की युई सुसाकी से हुआ।
सुसाकी ने शुरुआत में 5-0 की बढ़त बनाई और पहले पीरियड में ही पिन-फॉल के जरिए मुकाबला जीत लिया। इससे नीलम को रजत पदक मिला। फाइनल से पहले नीलम ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बयानोवा को 7-3 से हराया था।
भारतीय महिला कुश्ती के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
इस प्रदर्शन के साथ भारत की दो महिला पहलवानों ने एक ही सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचकर नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले 2021 में ओस्लो में आयोजित चैंपियनशिप में अंशु मलिक ने फाइनल खेलते हुए सिल्वर मेडल जीता था।
काजल और नीलम के रजत पदक भारतीय महिला कुश्ती के लिए अहम उपलब्धि हैं। दोनों खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करते हुए देश को गौरवान्वित किया।