विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप: नवनीत कौर का डबल धमाल, जर्मनी को 3-1 से रौंदकर भारत ने हासिल किया 5वां स्थान
एमस्टेलवीन, 27 अगस्त (आईएएनएस)। एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार को 5वें-6वें स्थान के लिए हुए मुकाबले में भारतीय टीम ने जर्मनी को 3-1 से मात देकर अपने ऐतिहासिक अभियान का समापन किया।
दुनिया की पांचवें स्थान की टीम जर्मनी के खिलाफ इस शानदार जीत के साथ भारत को पांचवां स्थान मिला। यह साल 1974 में खेले गए पहले विमेंस वर्ल्ड कप के बाद से एफआईएच वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। उस विश्व कप में भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी।
गुरुवार को नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में खेले गए इस मैच के शुरुआती 30 मिनट तक कोई गोल नहीं हो सका, लेकिन तीसरे क्वार्टर में भारत ने शानदार आक्रामक खेल दिखाया। नवनीत कौर ने 2 और इशिका ने 1 गोल करके यादगार जीत सुनिश्चित की।
शुरुआत में दोनों टीमों ने सावधानी बरती, हालांकि इस बीच जर्मनी का बॉल पर अधिक कब्जा रहा, लेकिन धीरे-धीरे भारत ने अपनी लय पकड़ी। 11वें मिनट में जर्मनी गोल के करीब पहुंची। जोहाना हैचेनबर्ग ने रिवर्स हिट की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंडर ने समय रहते उसे रोक दिया। भारत ने लालरेम्सियामी के जरिए जवाब दिया; उन्हें 13वें मिनट में शिल्पी डबास से एक हिट मिली और उन्होंने जर्मन 23-मीटर एरिया के अंदर नवनीत को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पास उनकी टीम की साथी खिलाड़ी तक नहीं पहुंचा।
15वें मिनट में जर्मनी को अपना पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला। बिचू देवी ने शुरू में खतरे को टाला, लेकिन बाद में हुई गहमागहमी के दौरान बॉल एक भारतीय खिलाड़ी की स्टिक से ऊपर उठ गई, जिससे जर्मनी को एक और पेनाल्टी कॉर्नर मिला। जर्मनी ने वेरिएशन आजमाने का फैसला किया, लेकिन गलत तालमेल के कारण बॉल खेल के दायरे से बाहर चली गई। इसी के साथ पहला क्वार्टर 0-0 से बराबरी पर रहा।
दूसरे क्वार्टर में भारत को सबसे अच्छा मौका तब मिला, जब दीपिका ने नवनीत को बॉल दी और उन्होंने लालरेम्सियामी के लिए मौका बनाया। हालांकि, उनका शॉट बाहर चला गया। इसके तुरंत बाद जर्मनी को एक और पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत ने खतरा टाल दिया।
आखिरकार 43वें मिनट में भारतीय टीम को सफलता मिली। नेहा ने बॉल पर कब्जा किया और इशिका को पास दिया। इशिका के पास दोनों तरफ विकल्प थे, लेकिन उन्होंने खुद जर्मन डिफेंस का सामना करने का फैसला किया। उनकी जबरदस्त दौड़ एक शानदार फिनिश के साथ खत्म हुई, जिससे भारत को 1-0 की बढ़त मिल गई।
इसके ठीक एक मिनट बाद भारत ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। लगातार दबाव बनाने के बाद एक पेनाल्टी कॉर्नर मिला। इस बार, नवनीत ने जोरदार शॉट लगाकर गैप खोजा और स्कोर 2-0 कर दिया। तीसरा क्वार्टर 2-0 की बढ़त के साथ भारत के पक्ष में रहा।
भारत ने आखिरी क्वार्टर में भी अपना दबदबा बनाए रखा और 47वें मिनट में तीसरा गोल दागा। सलीमा ने बेसलाइन के पास नवनीत को पास दिया और इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने शानदार तरीके से दो डिफेंडर्स को छकाते हुए बॉल को नेट में डालकर अपना दूसरा गोल किया।
इसके बाद जर्मनी ने वापसी की। आखिरकार क्रिंग्स ने 59वें मिनट में टीम के लिए एक सांत्वना गोल किया। खेल खत्म होने में 12 सेकंड शेष रहते जर्मनी को एक आखिरी पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत के डिफेंस ने मजबूती से बचाव करते हुए मैच 3-1 से अपने नाम किया।
भारत ने एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का समापन 6 मैचों में 2 जीत, 3 ड्रॉ और 1 हार के साथ किया। उन्हें एकमात्र हार मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड्स से मिली, जबकि उन्होंने बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और साउथ अफ्रीका को 6-1 से रौंदकर एफआईएच वर्ल्ड कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
हालांकि, भारतीय टीम बेहद मामूली अंतर से सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूकी, लेकिन पांचवां स्थान हासिल करना एक बड़ी प्रगति है, जिससे टीम को अगले महीने एशियन गेम्स से पहले काफी आत्मविश्वास मिलेगा।
--आईएएनएस
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