फॉलो-ऑन क्या होता है? भारत-श्रीलंका टेस्ट में क्यों मंडरा रहा बड़ा खतरा, जानिए पूरा नियम
भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में मेजबान टीम मुश्किल स्थिति में फंस गई है। भारत ने पहली पारी 503 रन पर घोषित कर दी थी, जबकि तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 8 विकेट खोकर 265 रन बना लिए थे। श्रीलंका को अब फॉलो-ऑन से बचने के लिए 39 रन और बनाने हैं।ऐसे में टेस्ट क्रिकेट का एक अहम नियम चर्चा में है—फॉलो-ऑन। आखिर फॉलो-ऑन क्या होता है, इसे कब लागू किया जाता है और मौजूदा टेस्ट में श्रीलंका के लिए यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? आइए समझते हैं।
क्या होता है फॉलो-ऑन?
टेस्ट क्रिकेट में फॉलो-ऑन का फैसला पहली पारी में बढ़त बनाने वाली टीम के कप्तान के पास होता है।जब पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के मुकाबले दूसरी टीम पहली पारी में कम से कम 200 रन पीछे रह जाती है और उसकी पारी समाप्त हो जाती है, तो पहली टीम दूसरी टीम को तुरंत दोबारा बल्लेबाजी करने के लिए कह सकती है। इसी को फॉलो-ऑन कहा जाता है।फॉलो-ऑन का उद्देश्य विपक्षी टीम को लगातार दो पारियां खेलने के लिए मजबूर करना और पारी के अंतर से मैच जीतने का मौका बनाना होता है।
भारत-श्रीलंका टेस्ट में क्या है गणित?
कोलंबो टेस्ट में भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर घोषित की। ऐसे में श्रीलंका को फॉलो-ऑन से बचने के लिए कम से कम 304 रन बनाने होंगे।क्योंकि अगर श्रीलंका की पहली पारी 303 रन पर समाप्त हो जाती है, तो भारत की बढ़त ठीक 200 रन की होगी। ऐसी स्थिति में भारतीय टीम के पास श्रीलंका को फॉलो-ऑन देने का विकल्प होगा।यही वजह है कि तीसरे दिन स्टंप्स तक 265 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी श्रीलंकाई टीम को चौथे दिन कम से कम 39 रन और बनाने होंगे।
क्या हर टेस्ट में फॉलो-ऑन का स्कोर अलग होता है?
हां। फॉलो-ऑन के लिए जरूरी स्कोर हर मैच में पहली पारी में बनाए गए रन के आधार पर बदलता है।
मसलन, अगर किसी टीम ने पहली पारी में 400 रन बनाए हैं, तो विपक्षी टीम को फॉलो-ऑन से बचने के लिए कम से कम 201 रन बनाने होंगे। वहीं अगर पहली टीम 600 रन बनाती है, तो दूसरी टीम को कम से कम 401 रन बनाने होंगे।
यानी सीधा नियम है—दूसरी टीम को पहली टीम की पारी के स्कोर से 200 रन से ज्यादा पीछे नहीं रहना चाहिए।
श्रीलंका पर क्यों मंडरा रहा फॉलो-ऑन का खतरा?
श्रीलंका के पास पहली पारी में अब सिर्फ दो विकेट बाकी हैं। टीम 265 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी है और उसे फॉलो-ऑन से बचने के लिए 39 रन और चाहिए।भारत की कोशिश होगी कि श्रीलंका को जल्द से जल्द ऑलआउट किया जाए और उसे दोबारा बल्लेबाजी के लिए भेजा जाए। इससे भारतीय टीम को बिना दूसरी पारी खेले पारी के अंतर से जीत हासिल करने का मौका मिल सकता है।
हालांकि श्रीलंका की उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। सोनल दिनुशा क्रीज पर टिके हुए हैं और उन्होंने 85 रन बना लिए हैं। वह पहले टेस्ट में भी भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी कर चुके हैं, जहां उन्होंने 100 और 84 रन की पारियां खेली थीं।अब श्रीलंका के लिए चौथे दिन का पहला लक्ष्य मैच बचाना नहीं, बल्कि फॉलो-ऑन से बचना होगा। अगर टीम 304 रन तक पहुंच जाती है, तो कम से कम उसे तुरंत दोबारा बल्लेबाजी करने की मजबूरी से राहत मिल जाएगी।