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'वे सबसे घटिया किस्म के बदमाश', खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों की आकाश चोपड़ा ने आलोचना की

 

नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 में 22 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच हुए मुकाबले में आरसीबी के विराट कोहली और एसआरएच के ट्रेविस हेड के बीच विवाद हुआ है। विराट कोहली ने मैच के बाद हेड से हाथ भी नहीं मिलाया था। इस विवाद के बाद हेड के परिवार को ऑनलाइन क्रिकेट फैंस की तरफ से अपशब्द कहे जा रहे हैं। हेड की पत्नी जेसिका हेड ने इसका खुलासा किया है। पूर्व क्रिकेटर और लोकप्रिय कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ऐसे फैंस को घटिया किस्म का बदमाश कहा है।

आकाश चोपड़ा ने ऑनलाइन खराब व्यवहार के बढ़ते ट्रेंड और खिलाड़ियों के प्रियजनों को खेल की दुश्मनी में घसीटने के लिए ट्रोल्स पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए निशाना साधा है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "जो लोग पत्नियों, बच्चों को गाली देते हैं, वे सबसे घटिया किस्म के बदमाश हैं। कुछ लोग इस कमेंट में भी मिल सकते हैं। वही घटिया लोग अपने या अपने आदर्श के बारे में जरा सी भी बुराई नहीं सहते। दोगले।"

विराट और हेड के बीच हुए विवाद का जिक्र करें तो उन दोनों के बीच किस बात को लेकर और क्या बहस हुई, इसको लेकर कोई भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मैच के बाद जब दोनों टीमों के खिलाड़ी एक दूसरे से मिल रहे थे, उस समय हेड ने विराट से हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ बढ़ाया था, तब विराट उन्हें नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ गए थे। इसके बाद से विराट और हेड का मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा का कारण बना हुआ है।

विराट और हेड का हाथ न मिलाने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद से हेड और उनके परिवारवालों को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है।

जेसिका ने द एडवरटाइजर को बताया, "ऐसा लगता है कि विश्व कप के बाद जो बुरा बर्ताव हुआ था, वह फिर से हो रहा है। जब मैं उठी तो मेरे सोशल मीडिया पर ब्लास्ट हो रहा था। हम ठीक हैं लेकिन वे मेरे दोस्तों और परिवार पर हमला कर रहे हैं।"

जेसिका ने कहा कि वनडे विश्व कप 2023 फाइनल, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल और 2024 बॉक्सिंग डे टेस्ट सहित बड़े आईसीसी इवेंट्स में भारत पर ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद भी इसी तरह के ऑनलाइन हमले सामने आए थे।

उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि इस समय सभी खेलों में मेंटल हेल्थ, नजरिए और हम एक-दूसरे से कैसे बात करते हैं, इस बारे में एक जरूरी बातचीत हो रही है। जुनून हमेशा खेल का हिस्सा रहेगा, लेकिन यह याद रखना भी जरूरी है कि खेल के पीछे असली लोग और परिवार हैं। उम्मीद है कि इससे एक-दूसरे के लिए और ज्यादा दया और सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा।"

--आईएएनएस

पीएके